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एमडीएस विश्वविद्यालय ने जारी की प्रवेश तिथियां, 4 जून तक स्नातक और 30 जून तक पीजी आवेदन

अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप रोजगारपरक, कौशल आधारित और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी नई शिक्षा व्यवस्था का विजन प्रस्तुत किया है। स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 4 जून जबकि स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए 30 जून निर्धारित की गई है।

विश्वविद्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने नई शैक्षणिक दिशा, उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रमों, कौशल विकास योजनाओं, योग आधारित पहल, डिजिटल सुधार और छात्र-केंद्रित अकादमिक विजन की जानकारी दी।

“Learn, Earn & Perform” मॉडल पर होगा फोकस

कुलगुरु प्रो. अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय केवल पारंपरिक डिग्री आधारित शिक्षा का नहीं बल्कि कौशल, नवाचार, तकनीकी दक्षता और उद्यमिता आधारित शिक्षा का है। विश्वविद्यालय “डिग्री के साथ दक्षता” मॉडल विकसित कर रहा है, जिसमें विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, रोजगार क्षमता और व्यक्तित्व विकास के अवसर दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि “Learn, Earn & Perform (LEaP)” योजना के तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगार, इंटर्नशिप, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और स्टार्टअप अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। विश्वविद्यालय उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देगा।

AI, Data Science और Cyber Security जैसे नए कोर्स शुरू

विश्वविद्यालय ने डिजिटल और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए कई नए कोर्स शुरू किए हैं। इनमें MCA Data Science, Certificate Course in Artificial Intelligence, Certificate Course in Cyber Security, M.A. English, M.A. Sanskrit Vedic Vangmaya और Sindhi Certificate Programme शामिल हैं।

इसके अलावा BCA, MBA, MBA Service Management, B.Pharma, D.Pharma, LLM, M.Tech Computer Science और MA Journalism & Mass Communication जैसे व्यावसायिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

योग और भारतीय ज्ञान परंपरा को मिलेगा बढ़ावा

विश्वविद्यालय ने संबद्ध महाविद्यालयों में “योग सब-सेंटर” स्थापित करने की घोषणा भी की है। इन केंद्रों पर योग प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। शुरुआती चरण में तीन माह का “योग इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट कोर्स” शुरू किया जाएगा।

विश्वविद्यालय के अनुसार योग एवं मानव चेतना विभाग के विद्यार्थियों को प्रशिक्षक के रूप में अवसर देकर उन्हें पढ़ाई के साथ रोजगार से भी जोड़ा जाएगा।

विद्यार्थियों के लिए कई नई स्कॉलरशिप योजनाएं

विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई नई छात्रवृत्ति और फेलोशिप योजनाओं की घोषणा की है। इनमें भारत हेरिटेज स्कॉलरशिप, कल्चरल हेरिटेज स्कॉलरशिप, फैमिली लॉयल्टी स्कॉलरशिप, फी फ्रीज गारंटी, फर्स्ट ग्रेजुएट फ्रीशिप, अमृता देवी बिश्नोई ग्रीन कैंपस स्कॉलरशिप, रेजिडेंशियल इंसेंटिव और रिसर्च फेलोशिप शामिल हैं।

प्रवेश प्रक्रिया को बनाया गया सरल और पारदर्शी

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सरल और विद्यार्थी हितैषी बनाया गया है। विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए “प्रवेश उत्सव” आयोजित किया जाएगा, जिसमें हेल्प डेस्क और करियर काउंसलिंग सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

बहुविकल्पीय प्रवेश प्रणाली भी लागू की गई है, जिसके तहत किसी एक विभाग में प्रवेश नहीं मिलने पर विद्यार्थी बिना अतिरिक्त शुल्क के अन्य विभाग में प्रवेश ले सकेंगे।

डिजिटल सुधार और समयबद्ध परीक्षा व्यवस्था

कुलगुरु ने बताया कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट को आधुनिक डिजिटल स्वरूप दिया गया है और सभी आवेदन प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। परीक्षा व्यवस्था को भी अधिक पारदर्शी बनाया गया है तथा जुलाई अंत तक परिणाम जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

माइग्रेशन, मार्कशीट और अन्य छात्र सेवाएं भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी।

प्लेसमेंट सेल और फिनिशिंग स्कूल की तैयारी

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि विद्यार्थियों के शत-प्रतिशत प्लेसमेंट के लक्ष्य के साथ प्लेसमेंट सेल को और अधिक सक्रिय बनाया जा रहा है। साथ ही “फिनिशिंग स्कूल” की स्थापना प्रस्तावित है, जहां विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, इंटरव्यू तैयारी और प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी।

NEP-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

प्रो. अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। मल्टीडिसिप्लिनरी शिक्षा, ड्यूल डिग्री, कौशल आधारित विषय और लचीली शिक्षा प्रणाली को लागू किया जा रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुलसचिव कैलाश चन्द्र शर्मा, मीडिया प्रभारी प्रो. शिव प्रसाद, विभिन्न विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।