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महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर राज्यपाल ने की श्रद्धांजलि अर्पित

 

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शनिवार को महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती समारोह के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले सर्किल पर स्थापित उनकी प्रतिमा के समक्ष नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया और समाज के लिए उनके कार्यों को प्रेरणादायक बताया।

समाज सुधार और शिक्षा के अग्रदूत

राज्यपाल ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक महान विचारधारा के प्रतीक थे। उन्होंने महिला शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया। ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना कर उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव और कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। उनका जीवन सामाजिक समरसता और समानता के मूल्यों को स्थापित करने के लिए समर्पित रहा।

रूढ़िवाद के खिलाफ संघर्ष

अपने संबोधन में राज्यपाल ने फुले के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने रूढ़िवादी परंपराओं का डटकर विरोध किया और शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बनाया। उन्होंने वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए जीवनभर संघर्ष किया और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया।

आदर्शों पर चलने का आह्वान

राज्यपाल ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में स्थित उनके स्मारक का उल्लेख करते हुए उन्हें युग प्रवर्तक बताया। अंत में उन्होंने कहा कि उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज के कल्याण और समानता के लिए कार्य करें।