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किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकार का संकल्प

 

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अन्नदाता किसान मजबूत होगा तो देश और प्रदेश दोनों की प्रगति सुनिश्चित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में जयपुर में 23 से 25 मई तक आयोजित होने वाली ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम 2026) को एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।

‘ग्राम 2026’ बनेगा नवाचार और संवाद का मंच

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि ‘ग्राम 2026’ केवल एक आयोजन नहीं बल्कि ऐसा मंच होगा, जहां किसान, वैज्ञानिक, निवेशक और नीति निर्माता एक साथ मिलकर कृषि के विकास पर चर्चा करेंगे। इस कार्यक्रम के जरिए किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों, नई तकनीकों और वैश्विक कृषि प्रणालियों की जानकारी मिलेगी। इससे उन्हें अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाने का अवसर प्राप्त होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में जयपुर में आयोजित पश्चिमी क्षेत्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस में कृषि उत्पादन, जल प्रबंधन, फसल सुरक्षा और प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई थी, जिसका लाभ अब किसानों तक पहुंचाया जाएगा।

ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान

कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए 15 अप्रैल से ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष रथ भेजे जाएंगे। इन रथों के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही सुझाव पेटिका भी रखी जाएगी, जिससे किसान अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे। इस पहल से किसानों और सरकार के बीच संवाद को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

वैज्ञानिक खेती और जल संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिक तरीकों से खेती करें और रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग करें। उन्होंने मृदा परीक्षण के आधार पर खेती करने और भूमि की उर्वरता को बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। इसके अलावा जल संरक्षण के लिए स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने की सलाह भी दी।

उन्होंने बताया कि राजस्थान बाजरा, सरसों, तिलहन, जौ और ग्वार के उत्पादन में देश में अग्रणी है, जबकि मूंग और मूंगफली में दूसरा तथा सोयाबीन में तीसरा स्थान रखता है। ऐसे में नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन को और बढ़ाया जा सकता है।

किसानों और पशुपालकों के लिए योजनाओं का विस्तार

सरकार द्वारा किसानों और पशुपालकों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 4.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही 12 हजार से अधिक डिग्गियों का निर्माण और हजारों किलोमीटर सिंचाई पाइपलाइन बिछाई गई है।

पशुपालन क्षेत्र में ‘मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना’ के तहत 12 लाख से अधिक पशुओं का मुफ्त बीमा किया गया है। इसके अलावा 1962 मोबाइल वेटरिनरी सेवाओं के जरिए लाखों पशुओं का उपचार किया गया है। ‘मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना’ के तहत दूध उत्पादकों को प्रति लीटर 5 रुपये का प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

निवेश और आर्थिक सहायता से बढ़ेगा कृषि क्षेत्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के तहत कृषि क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को 6000 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि राज्य सरकार की योजना के तहत 3000 रुपये अतिरिक्त दिए जा रहे हैं, जिसे भविष्य में 12 हजार रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

कृषि मंत्री का भी आधुनिक खेती पर जोर

इस अवसर पर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकों को अपनाना चाहिए। ‘ग्राम 2026’ के माध्यम से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीखने और नई तकनीकों को अपनाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से राजस्थान के किसान अधिक समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेंगे।