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पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की कार्रवाई पर सियासत तेज, गहलोत ने भाजपा पर साधा निशाना

असम की राजनीति में एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर असम पुलिस के पहुंचने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। इस घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है और इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया है।

असम पुलिस की कार्रवाई से बढ़ा विवाद

मंगलवार को असम पुलिस की एक टीम दिल्ली में पवन खेड़ा के घर पहुंची। हालांकि उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी और भाजपा पर सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

यह पूरा मामला उस समय और तूल पकड़ गया, जब हाल ही में खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री और उनके परिवार को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।

अशोक गहलोत का भाजपा पर हमला

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस कार्रवाई को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि असम चुनाव में संभावित हार के डर से भाजपा बौखला गई है और इसी वजह से वह इस तरह के कदम उठा रही है।

गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों के बजाय पुलिस और सरकारी एजेंसियों के जरिए विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश करती है। उन्होंने इसे “कायराना हरकत” बताते हुए कहा कि कांग्रेस ऐसे दबावों से डरने वाली नहीं है।

सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

अशोक गहलोत ने कहा कि असम पुलिस, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने यह भी कहा कि असम की जनता इस तरह की कार्रवाइयों को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब जरूर देगी।

टीकाराम जूली की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा अब विपक्ष को दबाने के लिए पुलिस और सरकारी एजेंसियों का सहारा ले रही है।

जूली ने इस कार्रवाई को भाजपा की “तानाशाही” का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह केवल डराने और दबाव बनाने की राजनीति है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता मजबूती से खड़ा है और इस तरह की कार्रवाई से पीछे हटने वाला नहीं है।

क्या थे पवन खेड़ा के आरोप

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने दावा किया था कि उनकी पत्नी के पास तीन विदेशी पासपोर्ट हैं और विदेश में संपत्ति भी है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास ऐसे दस्तावेज हैं, जो इस मामले को स्वतंत्र भारत की राजनीति के सबसे बड़े खुलासों में से एक बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का जवाब

इन आरोपों पर हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ये आरोप मनगढ़ंत, दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वह और उनकी पत्नी अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी, दोनों तरह के मानहानि के मुकदमे दायर करेंगे।

चुनावी माहौल में बढ़ती बयानबाजी

असम में चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। एक ओर कांग्रेस भाजपा पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है।