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उदयपुर में शुरू हुआ स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, एआई सिग्नल से मिलेगी जाम से राहत

राजस्थान के उदयपुर जिले में ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक और सुचारू बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शहर के फतहपुरा चौराहे पर राज्य का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रैफिक सिग्नल लगाया गया है। इस नई तकनीक के लागू होने से अब लोगों को लंबे ट्रैफिक जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

फतहपुरा चौराहे पर लगा एआई सिग्नल

उदयपुर के फतहपुरा चौराहे पर लगाए गए इस एआई ट्रैफिक सिग्नल की खासियत यह है कि यह किसी तय समय पर काम नहीं करता, बल्कि ट्रैफिक के दबाव के अनुसार खुद निर्णय लेता है। पिछले चार महीनों से इस सिस्टम का ट्रायल चल रहा था, जिसे सफल माना गया है और अब इसे पूरी तरह लागू कर दिया गया है।

इस पहल को शहर में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कैसे काम करता है यह स्मार्ट सिस्टम

इस एआई सिग्नल के लिए चौराहे पर हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे कंप्यूटर सिस्टम से जुड़े होते हैं, जो सड़क पर मौजूद वाहनों की संख्या को लगातार मॉनिटर करते हैं।

यदि किसी एक दिशा में वाहनों की लंबी कतार होती है और दूसरी दिशा अपेक्षाकृत खाली होती है, तो सिस्टम तुरंत उसी के अनुसार सिग्नल बदल देता है। जहां ट्रैफिक ज्यादा होता है वहां हरी बत्ती का समय बढ़ा दिया जाता है, जबकि खाली सड़क की लाइट जल्दी लाल हो जाती है।

पहले जहां हर लेन को 2 से 2.5 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था, अब यह समय घटकर 10 से 60 सेकंड के बीच रह गया है। इससे यातायात काफी तेज और सुचारू हो गया है।

समय और ईंधन की बचत

इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे लोगों का समय बच रहा है। लगातार लगने वाले जाम से राहत मिलने के कारण वाहन चालकों को कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिल रही है।

इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल की खपत में भी कमी आई है। ट्रायल के दौरान करीब 50 लाख वाहनों के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिससे यह सामने आया कि इस सिस्टम के कारण ईंधन की बचत के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी आई है।

स्थानीय तकनीक से हुआ विकास

इस एआई ट्रैफिक सिस्टम को उदयपुर की एक स्थानीय कंपनी ने विकसित किया है। कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार, यह तकनीक पूरी तरह भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

शुरुआती दिनों में लोगों को इस नई व्यवस्था को समझने में थोड़ी परेशानी हो रही है, क्योंकि वे पारंपरिक टाइमर आधारित सिग्नल के आदी थे। हालांकि, समय के साथ लोग इस सिस्टम के फायदे को समझने लगे हैं।

भविष्य में और भी स्मार्ट होगा सिस्टम

इस एआई सिग्नल को और उन्नत बनाने की योजना भी तैयार की जा रही है। आने वाले समय में इसमें ऐसे फीचर्स जोड़े जाएंगे, जिनकी मदद से नियम तोड़ने वालों पर स्वतः कार्रवाई की जा सकेगी।

यदि कोई व्यक्ति बिना हेलमेट के वाहन चलाता है या सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करता, तो सिस्टम स्वतः उसका चालान काट सकेगा। इसके अलावा, संदिग्ध गतिविधियों जैसे हथियार लेकर चलने वाले व्यक्तियों की पहचान भी कैमरे के जरिए की जा सकेगी।

पूरे शहर में विस्तार की तैयारी

प्रशासन इस सिस्टम की सफलता को देखते हुए इसे शहर के अन्य व्यस्त चौराहों पर भी लागू करने की योजना बना रहा है। पुलिस विभाग को इसकी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है और जल्द ही व्यापक स्तर पर इसे लागू करने पर निर्णय लिया जा सकता है।

स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ता उदयपुर

उदयपुर में एआई आधारित ट्रैफिक सिग्नल का सफल संचालन यह दर्शाता है कि अब शहर तकनीक के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह पहल न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।