राजस्थान में सोना-चांदी के दाम में उछाल, ग्राहकों की बढ़ी चिंता
राजस्थान में सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतें लगातार ऊंचाई पर बनी हुई हैं। शनिवार को आई तेज बढ़ोतरी के बाद रविवार को भी दामों में कोई खास राहत नहीं देखने को मिली। बढ़ती कीमतों के कारण खासतौर पर शादी सीजन में खरीदारी करने वाले ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है। बाजार में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच लोग अब खरीदारी को लेकर अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं।
चांदी और सोने के ताजा भाव
रविवार को शुद्ध चांदी की कीमत लगभग 2,29,400 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास बनी रही। वहीं 18 कैरेट चांदी करीब 2,28,000 रुपए प्रति किलो पर कारोबार करती नजर आई। सोने की बात करें तो 24 कैरेट सोना लगभग 1,47,100 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर स्थिर रहा। इसके अलावा 23 कैरेट जेवराती सोना करीब 1,41,215 रुपए और 22 कैरेट सोना लगभग 1,35,330 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
इन सभी कीमतों पर ग्राहकों को 3 प्रतिशत जीएसटी अलग से चुकाना पड़ता है, जिससे आभूषण खरीदना और भी महंगा हो जाता है। ऐसे में आम लोगों के लिए सोना-चांदी खरीदना पहले की तुलना में अधिक मुश्किल होता जा रहा है।
प्रमुख शहरों में क्या रहे दाम
राजस्थान के बड़े शहरों में भी सोने-चांदी के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। जयपुर में शुद्ध चांदी करीब 2,32,000 रुपए प्रति किलो और 24 कैरेट सोना लगभग 1,50,000 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। जोधपुर में चांदी 2,31,000 रुपए प्रति किलो और सोना करीब 1,49,500 रुपए रहा।
इसी तरह उदयपुर में शुद्ध चांदी लगभग 2,32,500 रुपए प्रति किलो और सोना 1,48,500 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना रहा। कोटा में चांदी करीब 2,31,000 रुपए और सोना लगभग 1,49,900 रुपए के आसपास कारोबार करता रहा। वहीं अजमेर में चांदी 2,31,600 रुपए प्रति किलो और सोना करीब 1,50,000 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम
सर्राफा कारोबारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती बनी हुई है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है। इसके साथ ही डॉलर की स्थिति और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें बढ़ती हैं, तो घरेलू बाजार में भी दाम ऊपर चले जाते हैं।
इसके अलावा शादी का सीजन भी दामों में तेजी का एक बड़ा कारण है। इस समय आभूषणों की मांग बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में गिरावट नहीं आ पाती।
ग्राहकों की जेब पर बढ़ता बोझ
लगातार बढ़ती कीमतों का असर सीधे तौर पर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। कई लोग अब जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग दाम कम होने का इंतजार कर रहे हैं। खासतौर पर मध्यम वर्ग के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनती जा रही है।