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ऑनलाइन फूड ऑर्डर हुआ महंगा: स्विगी और जोमैटो ने बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, जानें वजह

अगर आप ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स से खाना ऑर्डर करते हैं, तो यह खबर आपके बजट पर असर डाल सकती है। जोमैटो के बाद अब स्विगी ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी कर दी है। इस बदलाव के बाद ग्राहकों को हर ऑर्डर पर पहले से ज्यादा शुल्क देना होगा, जिससे कुल बिल में वृद्धि होना तय है।

प्लेटफॉर्म फीस में कितना हुआ इजाफा

स्विगी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस को बढ़ाकर 17.58 रुपये कर दिया है, जो पहले 14.99 रुपये थी। यानी एक झटके में लगभग 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले जोमैटो भी अपनी फीस बढ़ा चुका है और अब दोनों कंपनियों द्वारा ग्राहकों से लगभग समान शुल्क लिया जा रहा है।

जोमैटो ने हाल ही में अपनी बेस फीस 12.50 रुपये से बढ़ाकर 14.90 रुपये की थी, जो टैक्स सहित करीब 17.58 रुपये तक पहुंच जाती है। इस तरह अब दोनों प्रमुख फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को लगभग एक जैसा चार्ज देना पड़ रहा है।

लगातार बढ़ रही है फीस

स्विगी द्वारा यह फीस बढ़ाने का फैसला कोई पहला कदम नहीं है। पिछले सात महीनों में यह चौथी बार है जब कंपनी ने प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा किया है। इससे पहले सितंबर 2025 में कंपनी ने शुल्क 12 रुपये से बढ़ाकर 14.99 रुपये कर दिया था।

इस तरह लगातार बढ़ती फीस से यह साफ है कि कंपनियां अपने रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए नई रणनीतियां अपना रही हैं।

कंपनियां क्यों बढ़ा रही हैं चार्ज

कंपनियों का कहना है कि प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य उनके ऑपरेशन को सुचारु रूप से चलाना और सेवाओं को बेहतर बनाए रखना है। फूड डिलीवरी बिजनेस इन कंपनियों के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया है, लेकिन इसके साथ कई खर्चे भी जुड़े होते हैं।

बढ़ती ऑपरेटिंग कॉस्ट, ईंधन की कीमतों में वृद्धि और बाजार में बढ़ते प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा, ये कंपनियां क्विक कॉमर्स जैसे नए बिजनेस सेगमेंट में भी तेजी से निवेश कर रही हैं, जिसके लिए अतिरिक्त फंड की जरूरत होती है। ऐसे में प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर कंपनियां अपने मुनाफे को संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं।

ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर

इस बदलाव का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। अब हर ऑर्डर पर ग्राहकों को दो से तीन रुपये अतिरिक्त देने होंगे। भले ही यह रकम छोटी लगे, लेकिन बार-बार ऑर्डर करने पर यह कुल खर्च को बढ़ा देती है।

पिज्जा, बर्गर या अन्य फूड आइटम ऑर्डर करते समय प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज और टैक्स मिलाकर कुल बिल पहले की तुलना में ज्यादा हो जाएगा। इससे कई ग्राहकों के लिए ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना महंगा साबित हो सकता है।

आगे क्या संकेत मिलते हैं

फूड डिलीवरी कंपनियों द्वारा लगातार फीस बढ़ाने से यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में भी चार्ज में और बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनियां अपने बिजनेस को लाभदायक बनाने और नई सेवाओं में निवेश के लिए इस तरह के कदम उठा रही हैं।