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ईद के मौके पर खुला जन्नती दरवाजा: अजमेर दरगाह में उमड़ी आस्था की भीड़, जायरीनों ने मांगी दुआएं

 

राजस्थान के ऐतिहासिक शहर अजमेर स्थित अजमेर दरगाह शरीफ में ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस खास मौके पर दरगाह का प्रसिद्ध जन्नती दरवाजा खोला गया, जिसके दर्शन और उसमें से गुजरने के लिए देश-विदेश से हजारों की संख्या में जायरीन पहुंचे।

सुबह से ही नमाज अदा करने के बाद अकीदतमंद दरगाह की ओर बढ़ने लगे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे भीड़ का सिलसिला बढ़ता गया और जन्नती दरवाजे से गुजरने के लिए लंबी कतारें लग गईं। पूरे दरगाह परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बना रहा।

जन्नती दरवाजे से गुजरने की विशेष मान्यता

दरगाह शरीफ में स्थित जन्नती दरवाजा अत्यंत पवित्र और मुकद्दस माना जाता है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह से जुड़ी इस परंपरा के अनुसार, इस दरवाजे से गुजरने वाले व्यक्ति को रूहानी सुकून, बरकत और अलौकिक शांति की प्राप्ति होती है।

इसी आस्था के चलते जायरीनों में इस दरवाजे से गुजरने की विशेष उत्सुकता देखने को मिली। लोग घंटों कतार में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे, ताकि वे इस पवित्र दरवाजे से गुजर सकें। इस दौरान दरगाह परिसर में “ख्वाजा का दरबार” और “गरीब नवाज की जय” जैसे नारों की गूंज सुनाई देती रही, जिसने पूरे माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया।

देश-विदेश से पहुंचे जायरीन, मांगी अमन-चैन की दुआ

ईद के इस खास अवसर पर न केवल राजस्थान बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से भी बड़ी संख्या में जायरीन अजमेर दरगाह पहुंचे। सभी ने ख्वाजा गरीब नवाज की मजार पर चादर और अकीदत के फूल चढ़ाकर अपने परिवार, समाज और देश की खुशहाली के लिए दुआ मांगी।

जायरीनों ने विशेष रूप से देश में अमन-चैन, भाईचारा और समृद्धि की कामना की। इस दौरान कई श्रद्धालु भावुक भी नजर आए, जो अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दुआ करते दिखाई दिए।

साल में केवल चार बार खुलता है जन्नती दरवाजा

दरगाह प्रशासन के अनुसार, जन्नती दरवाजा साल में केवल चार विशेष अवसरों पर ही खोला जाता है। इनमें ईद-उल-फितर, ईद-उल-अजहा, ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स और हजरत ख्वाजा उस्मानी हारूनी के उर्स शामिल हैं।

इन खास मौकों पर ही जायरीनों को इस पवित्र दरवाजे से गुजरने का अवसर मिलता है, इसलिए इन दिनों दरगाह में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इस परंपरा का वर्षों से पालन किया जा रहा है और यह दरगाह की विशेष पहचान बन चुकी है।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं के किए गए पुख्ता इंतजाम

इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन और दरगाह कमेटी की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

जायरीनों की सुविधा के लिए पानी, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाओं की भी व्यवस्था की गई थी। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता के साथ अपने धार्मिक अनुष्ठान पूरे कर सकें।

अजमेर शहर में दिखी ईद की रौनक

ईद के मौके पर पूरे अजमेर शहर में भी खास उत्साह और रौनक देखने को मिली। बाजारों में चहल-पहल रही और लोग एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते नजर आए। मिठाइयों और पकवानों की खुशबू से पूरा शहर महक उठा।