सोना-चांदी में भारी गिरावट: वैश्विक तनाव और आर्थिक फैसलों का असर
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने जहां ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है, वहीं इसका सीधा असर शेयर बाजार और कीमती धातुओं पर भी पड़ा है। एक ही दिन में चांदी के दाम में 13 हजार रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ गया है।
वैश्विक तनाव का बाजार पर असर
ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष के चलते तेल और गैस आपूर्ति ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है और क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। इस अनिश्चित माहौल ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे शेयर बाजार में भारी गिरावट आई और कीमती धातुओं पर भी दबाव बना।
इजरायल द्वारा पार्स गैस फील्ड पर किए गए हमले के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। इसके चलते निवेशकों में घबराहट बढ़ी और बाजार में बिकवाली का दौर शुरू हो गया। इसका असर भारतीय बाजारों में भी साफ तौर पर देखने को मिला।
शेयर बाजार के साथ सोना-चांदी में गिरावट
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जहां सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 2000 अंकों से ज्यादा टूट गया। इसी के साथ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने और चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट आई।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना करीब 4000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर गया। वहीं 23 कैरेट सोना 1,51,030 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,38,899 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गया। यह गिरावट पिछले रिकॉर्ड स्तर से काफी बड़ी मानी जा रही है।
रिकॉर्ड हाई से नीचे आया सोना
कुछ समय पहले सोना लगभग 1,92,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन अब इसमें करीब 40 हजार रुपये की गिरावट आ चुकी है और यह लगभग 1,51,637 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया है। लगातार गिरती कीमतों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
चांदी में सबसे बड़ी गिरावट
चांदी की बात करें तो इसमें और भी ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी 2026 में चांदी 4.2 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, लेकिन अब यह घटकर करीब 2,36,809 रुपये प्रति किलो रह गई है। इस तरह चांदी में लगभग 1.85 लाख रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को ही इसमें 13 हजार रुपये प्रति किलो की गिरावट आई।
गिरावट के पीछे मुख्य कारण
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे अहम कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों में कटौती न करना है। निवेशकों को उम्मीद थी कि ब्याज दरों में कमी होगी, जिससे सोने की कीमतों को समर्थन मिलता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इसके अलावा, बढ़ती तेल कीमतों ने महंगाई की चिंता को बढ़ा दिया है। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और ऊर्जा संकट के चलते निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं और अपनी पोजीशन घटा रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के पीछे मुनाफावसूली भी एक बड़ा कारण है। जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती हैं, तो निवेशक अपने लाभ को सुरक्षित करने के लिए बिक्री करते हैं, जिससे कीमतों में गिरावट आती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को सावधानी बरतते हुए धीरे-धीरे निवेश करना चाहिए। सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिए निवेश करना एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है।