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क्या 4-5 घंटे की नींद पर्याप्त है? जानिए जीन और नींद के बीच का संबंध

 

अच्छी सेहत और सक्रिय जीवन के लिए पर्याप्त नींद बेहद जरूरी मानी जाती है। आमतौर पर विशेषज्ञ वयस्कों को 7 से 8 घंटे की नींद लेने की सलाह देते हैं। लेकिन कई बार हम ऐसे लोगों के बारे में सुनते हैं जो केवल 4-5 घंटे सोकर भी पूरी तरह फिट और ऊर्जावान नजर आते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या कम नींद लेना भी पर्याप्त हो सकता है? इसका जवाब विज्ञान और हमारे शरीर के जीन में छिपा है।

जीन का नींद पर प्रभाव

वैज्ञानिकों की एक महत्वपूर्ण स्टडी, जो यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में की गई, में यह पाया गया कि कुछ लोगों के शरीर में एक खास जीन के कारण उन्हें कम नींद की जरूरत होती है। इस जीन को ADRB1 जीन कहा जाता है।

रिसर्च के अनुसार, जिन लोगों में इस जीन में बदलाव होता है, वे कम समय की नींद में भी पूरी तरह तरोताजा महसूस करते हैं। इसका कारण यह है कि उनका दिमाग नींद के दौरान अधिक प्रभावी ढंग से काम करता है, जिससे कम समय में ही पर्याप्त आराम मिल जाता है।

स्लीप-वेक साइकल पर जीन का असर

ADRB1 जीन हमारे शरीर के स्लीप-वेक साइकल यानी सोने और जागने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। जिन लोगों में यह जीन सक्रिय रूप से अलग तरह से काम करता है, उनके दिमाग के कुछ हिस्से ज्यादा सक्रिय रहते हैं।

इस वजह से उनकी नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है, जिसे ‘एफिशिएंट स्लीप’ कहा जाता है। यानी वे कम समय में ही उतना आराम प्राप्त कर लेते हैं, जितना सामान्य लोगों को ज्यादा समय में मिलता है। यही कारण है कि वे 4-5 घंटे की नींद में भी खुद को पूरी तरह ऊर्जावान महसूस करते हैं।

नींद के फेज और उनका महत्व

अच्छी नींद केवल उसकी अवधि पर नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता पर भी निर्भर करती है। नींद के दो मुख्य चरण होते हैं—REM और non-REM। REM नींद के दौरान दिमाग सक्रिय रहता है और सपने आते हैं, जबकि non-REM नींद में शरीर गहरी अवस्था में जाकर खुद को रिपेयर करता है।

जिन लोगों में ADRB1 जीन में बदलाव होता है, उनके दिमाग के कुछ सेल REM और जागने की अवस्था में अधिक सक्रिय रहते हैं। इससे उनका नींद पैटर्न अलग हो जाता है और वे कम समय में भी बेहतर गुणवत्ता की नींद ले पाते हैं।

क्या हर किसी के लिए कम नींद सही है?

यह समझना बेहद जरूरी है कि हर व्यक्ति के लिए 4-5 घंटे की नींद पर्याप्त नहीं होती। यह एक विशेष जैविक स्थिति है, जो बहुत कम लोगों में पाई जाती है। अधिकांश लोगों के लिए पर्याप्त नींद न लेना शरीर और दिमाग दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।

कम नींद लेने से थकान, ध्यान में कमी, तनाव और कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए केवल कुछ लोगों के अनुभव को आधार बनाकर अपनी नींद कम करना सही नहीं है।