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यात्रियों को झटका, 1 अप्रैल से फास्टैग एनुअल पास महंगा होगा, बढ़कर ₹3,075 हुई कीमत

 

देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले निजी वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान को आसान बनाने के लिए शुरू की गई फास्टैग व्यवस्था के तहत अब एनुअल पास की कीमत में वृद्धि कर दी गई है। 1 अप्रैल 2026 से फास्टैग एनुअल पास की नई कीमत ₹3,075 लागू होगी। पहले इसकी कीमत ₹3,000 थी। यह फैसला राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा लिया गया है और इसके लागू होने के बाद निजी वाहन मालिकों के हाईवे यात्रा खर्च में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

फास्टैग एनुअल पास क्या है

फास्टैग एनुअल पास एक प्रीपेड टोल योजना है जिसे खास तौर पर गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों के लिए तैयार किया गया है। इसमें कार, जीप और वैन जैसे वाहन शामिल हैं। इस पास के माध्यम से वाहन चालक एक निश्चित राशि का भुगतान कर पूरे वर्ष या निर्धारित संख्या तक टोल प्लाजा पार कर सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य टोल भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाना और यात्रियों को बार-बार भुगतान करने की परेशानी से राहत देना है।

इस योजना को शुरू करने का मुख्य मकसद राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले निजी वाहन चालकों को एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प प्रदान करना है। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को भी कम करने में मदद मिलती है।

कब शुरू हुई थी यह योजना

फास्टैग एनुअल पास योजना की घोषणा जून 2025 में की गई थी। इसके बाद इसे 15 अगस्त 2025 से लागू किया गया। शुरुआत में इसकी कीमत ₹3,000 निर्धारित की गई थी। इस राशि के भुगतान के बाद वाहन चालक एक वर्ष तक या अधिकतम 200 टोल क्रॉसिंग तक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, जो भी पहले पूरा हो।

इस योजना को शुरू किए जाने के बाद बड़ी संख्या में निजी वाहन मालिकों ने इसे अपनाया। समय के साथ इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई और इसे हाईवे यात्रा करने वाले लोगों के लिए सुविधाजनक विकल्प माना जाने लगा।

नई दर क्यों लागू की गई

अब सरकार ने फास्टैग एनुअल पास की कीमत में हल्की बढ़ोतरी करते हुए इसे ₹3,075 कर दिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार यह संशोधन राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क निर्धारण और संग्रह नियम, 2008 के प्रावधानों के तहत किया गया है। इन नियमों के अनुसार समय-समय पर टोल शुल्क और संबंधित सेवाओं की दरों में संशोधन किया जा सकता है।

सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य टोल प्रणाली को व्यवस्थित बनाए रखना और राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव तथा संचालन के लिए आवश्यक संसाधन सुनिश्चित करना है।

कितने उपयोगकर्ता उठा रहे हैं लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 56 लाख से अधिक उपयोगकर्ता फास्टैग एनुअल पास का इस्तेमाल कर रहे हैं। निजी वाहन मालिकों के बीच इस योजना की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पर करीब 1,150 टोल प्लाजा ऐसे हैं जहां इस एनुअल पास की सुविधा उपलब्ध है।

यह सुविधा केवल उन गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए लागू होती है जिनके पास वैध फास्टैग लगा हुआ है। इसके अलावा फास्टैग का वाहन से सही तरीके से लिंक होना भी जरूरी है।

फास्टैग एनुअल पास कैसे खरीद सकते हैं

फास्टैग एनुअल पास खरीदने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए वाहन मालिक राजमार्ग यात्रा मोबाइल ऐप या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

इस प्रक्रिया में सबसे पहले वाहन नंबर और फास्टैग आईडी डालकर लॉगिन करना होता है। इसके बाद भुगतान के लिए यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग जैसे विकल्प उपलब्ध होते हैं। वर्तमान में पास की कीमत ₹3,000 है, जबकि 1 अप्रैल 2026 से यह ₹3,075 हो जाएगी।

भुगतान पूरा होने के बाद यह एनुअल पास संबंधित वाहन के फास्टैग से लिंक हो जाता है। आमतौर पर भुगतान के लगभग दो घंटे के भीतर यह पास सक्रिय हो जाता है और वाहन मालिक को इसके सक्रिय होने का संदेश भी प्राप्त हो जाता है।