पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का ऐलान, दो चरणों में होगा मतदान, 4 मई को आएंगे नतीजे
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। Election Commission of India ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए बताया कि इस बार राज्य में दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल की तारीख तय की गई है। वहीं चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
राज्य में विधानसभा की कुल 294 सीटों पर चुनाव होंगे। चुनाव आयोग ने पूरे कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा है कि मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।
चुनाव का पूरा कार्यक्रम
चुनाव आयोग के अनुसार पहले चरण के लिए राजपत्र अधिसूचना 30 मार्च 2026 को जारी की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अप्रैल तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल को की जाएगी, जबकि उम्मीदवार 9 अप्रैल तक अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकेंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा।
दूसरे चरण के लिए अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 9 अप्रैल निर्धारित की गई है और नामांकन पत्रों की जांच 10 अप्रैल को होगी। उम्मीदवार 13 अप्रैल तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को कराया जाएगा। दोनों चरणों के वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी और चुनाव प्रक्रिया 6 मई तक पूरी हो जाएगी।
मतदाताओं की संख्या और वर्गीकरण
चुनाव आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं। इनमें लगभग 3.28 करोड़ पुरुष मतदाता और 3.16 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा राज्य में 1152 थर्ड जेंडर मतदाता भी पंजीकृत हैं।
अगर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की बात करें तो 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के करीब 5.23 लाख मतदाता इस चुनाव में पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वहीं 20 से 29 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या करीब 1.31 करोड़ बताई गई है।
इसके अलावा 85 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 3.79 लाख मतदाता भी इस चुनाव में शामिल होंगे। राज्य में 4.16 लाख दिव्यांग मतदाता भी पंजीकृत हैं। चुनाव आयोग इन सभी मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करने की तैयारी कर रहा है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम के उपयोग को लेकर मतदाताओं के बीच जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
2021 के चुनावों पर एक नजर
इससे पहले वर्ष 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव आठ चरणों में कराए गए थे। उस समय राज्य की कानून व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और बड़े मतदाता आधार को ध्यान में रखते हुए मतदान को कई चरणों में आयोजित किया गया था।
पिछले चुनाव में Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली All India Trinamool Congress ने शानदार जीत दर्ज की थी। राज्य की 294 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटों पर कब्जा जमाया था और उसे लगभग 48 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे।
वहीं Bharatiya Janata Party प्रमुख विपक्षी दल के रूप में उभरी थी और उसे 77 सीटें मिली थीं। दूसरी ओर दशकों तक राज्य की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले वाम मोर्चा और कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था, क्योंकि वे एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो पाए थे। गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रही Indian Secular Front को एक सीट मिली थी।
मुस्लिम मतदाताओं की अहम भूमिका
पश्चिम बंगाल की कुल आबादी में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत मानी जाती है। राज्य के करीब 40 से 50 विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाता चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
Murshidabad, Malda, Uttar Dinajpur, South 24 Parganas और Birbhum जैसे जिलों में मुस्लिम आबादी अधिक है। इन क्षेत्रों के कई निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से भी अधिक बताई जाती है, जिससे चुनावी नतीजों पर उनका प्रभाव काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर अब राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आने वाले दिनों में राज्य में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।