हनुमानगढ़ ब्लास्ट साजिश: आरोपी अली अकबर को लेकर परिवार का बयान, भाई बोला- 8 मार्च से घर से था लापता
राजस्थान के Hanumangarh में ब्लास्ट की साजिश के मामले में गिरफ्तार Ajmer निवासी अली अकबर को लेकर अब उसके परिवार की प्रतिक्रिया सामने आई है। मामले में गिरफ्तारी के बाद परिवार ने कहा है कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी और अली अकबर 8 मार्च से घर से लापता था। परिवार के अनुसार उसके अचानक गायब होने से घर वाले भी काफी चिंतित थे और लगातार उसकी तलाश कर रहे थे।
आरोपी के भाई अली असकर का कहना है कि परिवार आर्थिक रूप से पहले से ही परेशान था और किसी को यह अंदाजा नहीं था कि अली अकबर किसी साजिश में शामिल हो सकता है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
8 मार्च से घर से लापता था
परिवार के मुताबिक अली अकबर 8 मार्च को घर से निकला था और उसके बाद से वह वापस नहीं लौटा। काफी समय तक जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार के लोग भी परेशान हो गए थे। भाई अली असकर ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि वह कहां गया है या किस काम के लिए घर से निकला था।
परिवार के अनुसार उसके अचानक गायब होने के बाद घर में चिंता का माहौल बन गया था। परिजनों ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की थी, लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी।
घर से मां से लेकर गया था 1000 रुपये
अली असकर ने बताया कि जब अली अकबर घर से निकला था, तब उसने अपनी मां से करीब 1000 रुपये लिए थे। इसके अलावा कुछ दिन पहले भाई ने भी उसके बैंक खाते में लगभग 500 रुपये डाले थे। परिवार का कहना है कि उस समय किसी को जरा भी अंदेशा नहीं था कि वह किसी गंभीर मामले में फंस जाएगा।
परिजनों के अनुसार वह सामान्य तरीके से ही घर से निकला था और किसी तरह की असामान्य गतिविधि की जानकारी परिवार को नहीं थी।
दरगाह के पास ऑटो चलाकर करता था काम
परिवार के मुताबिक अली अकबर का मुख्य काम ऑटो चलाना था। वह Ajmer Railway Station के आसपास ऑटो चलाता था और अक्सर Ajmer Sharif Dargah आने वाले जायरीनों को लाने और छोड़ने का काम करता था।
इसी काम से उसकी रोजी-रोटी चलती थी और वह अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने की कोशिश करता था। परिवार का कहना है कि उसकी आमदनी बहुत ज्यादा नहीं थी, लेकिन वह मेहनत करके घर का खर्च चलाने की कोशिश करता था।
रमजान में कम हो गई थी कमाई
अली अकबर के भाई ने बताया कि रमजान के महीने में दरगाह पर आने वाले जायरीनों की संख्या कम हो गई थी। इसका सीधा असर उसकी कमाई पर पड़ा था। पहले जहां उसे नियमित सवारी मिल जाती थी, वहीं इन दिनों काम कम हो गया था।
परिवार के अनुसार आर्थिक तंगी के कारण वह परेशान रहता था और उस पर कुछ कर्ज भी था। वह हर महीने घर खर्च के लिए लगभग 500 रुपये देता था और परिवार की जिम्मेदारियां निभाने की कोशिश करता था।
शादीशुदा है आरोपी, दो छोटे बच्चे
परिवार के मुताबिक अली अकबर शादीशुदा है और उसकी शादी राजस्थान के Sojat में हुई थी। उसके दो छोटे बच्चे भी हैं। परिवार का कहना है कि वह अपने परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर चिंतित रहता था और बच्चों की परवरिश के लिए मेहनत करता था।
परिजनों का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह इस पूरे मामले में कैसे और किन परिस्थितियों में शामिल हो गया।
लालच देकर फंसाया गया हो तो कार्रवाई हो
अली असकर ने कहा कि अगर किसी ने अली अकबर को पैसों का लालच देकर या किसी तरह से बहला-फुसलाकर इस साजिश में शामिल किया है, तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि पता चल सके कि अली अकबर इस मामले में किस तरह शामिल हुआ और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं।
जांच एजेंसियां कर रही हैं पूछताछ
फिलहाल मामले की जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और इसके पीछे की असली वजह क्या है।
जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति साफ हो पाएगी। फिलहाल परिवार का कहना है कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी और वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो।