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हमले में मोजतबा खामेनेई की मौत की अफवाहें, डोनाल्ड ट्रंप के बयान से मचा विवाद; ईरान ने बताया पूरी तरह स्वस्थ

 

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध जैसे हालात के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के एक बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं या नहीं। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें यह तक नहीं पता कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर जीवित भी हैं या नहीं। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तरह-तरह की अटकलें लगने लगीं। हालांकि ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं।

ट्रंप के बयान से बढ़ी अटकलें

मध्य पूर्व में चल रहे सैन्य तनाव के बीच ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि मोजतबा खामेनेई के बारे में कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें सार्वजनिक रूप से किसी ने नहीं देखा है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि वे जिंदा भी हैं या नहीं। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर वह जीवित हैं तो उन्हें अपने देश के हित में समझदारी भरा फैसला लेना चाहिए और युद्ध की स्थिति में आत्मसमर्पण पर विचार करना चाहिए।

ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। कई विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध के दौरान शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा और गतिविधियों को अक्सर गोपनीय रखा जाता है, जिससे ऐसी अफवाहें जन्म लेती हैं।

सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए खामेनेई

रिपोर्टों के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम लीडर बनने के बाद से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। यही वजह है कि उनकी सेहत और लोकेशन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट में कुछ ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि शुरुआती हमलों के दौरान मोजतबा खामेनेई घायल हो सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि उनके पैरों में चोट लगने की संभावना है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

ईरान के विदेश मंत्री ने किया खंडन

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि देश के सुप्रीम लीडर के साथ किसी प्रकार की समस्या नहीं है। उन्होंने एक इंटरव्यू में साफ शब्दों में कहा कि मोजतबा खामेनेई स्वस्थ हैं और उनके बारे में फैलाई जा रही खबरें गलत हैं।

अराघची ने यह भी कहा कि युद्ध के समय में इस तरह की अफवाहें अक्सर फैलती हैं और इन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक ईरान का नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय है और देश की स्थिति पर नजर रखे हुए है।

पहले भी आए थे घायल होने के दावे

ट्रंप के बयान से पहले अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी दावा किया था कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर घायल हैं और हमले में उनका चेहरा भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। हालांकि ईरान ने इन दावों को भी निराधार बताया था।

पहले हमले में मारे गए थे अली खामेनेई

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच हुए एक बड़े अमेरिकी-इजरायली हमले में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत हो गई थी। इस हमले में उनके परिवार के अन्य सदस्यों के भी मारे जाने की खबर सामने आई थी। इसके बाद मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया।

इजरायल का सख्त रुख

इस बीच Israel Defense Forces के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट बेन कोहेन ने कहा कि ईरान की सरकार को रोकना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इजरायल का उद्देश्य सिर्फ खतरे को अस्थायी रूप से टालना नहीं, बल्कि उसे पूरी तरह खत्म करना है। उनके अनुसार ईरान की सैन्य क्षमता एक “टिक-टिक करता टाइम बम” है जिसे निष्क्रिय करना जरूरी है।

मध्य पूर्व में जारी इस संघर्ष के बीच मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर उठे सवालों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को और अधिक जटिल बना दिया है। फिलहाल ईरान इन सभी दावों को खारिज करते हुए अपने सुप्रीम लीडर के सुरक्षित और स्वस्थ होने की बात कह रहा है।