राजस्थान दिवस से पहले स्वच्छता संकल्प अभियान की शुरुआत : CM भजनलाल ने लगाई झाड़ू
राजस्थान दिवस के आयोजन से पहले राज्य सरकार ने प्रदेशभर में स्वच्छता को लेकर एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और जनभागीदारी के माध्यम से साफ-सुथरा राजस्थान बनाने का संदेश देना है। राजधानी जयपुर में स्थित अल्बर्ट हॉल से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशव्यापी स्वच्छता संकल्प एवं जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं श्रमदान करते हुए झाड़ू लगाई और लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि लोग इसे अपनी आदत बना लें, तो प्रदेश को साफ और सुंदर बनाए रखना आसान हो जाएगा।
श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश
राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रमदान करते हुए स्वयं सफाई की। उन्होंने लोगों को यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों को मुख्यमंत्री ने स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति यह संकल्प ले कि वह न तो गंदगी करेगा और न ही किसी को करने देगा, तो स्वच्छ और स्वस्थ राजस्थान का सपना आसानी से पूरा किया जा सकता है।
सफाईकर्मियों को पीपीई किट और लाभार्थियों को चेक वितरित
इस अवसर पर नगर निगम के सफाईकर्मियों को पीपीई किट वितरित की गई, ताकि वे सुरक्षित तरीके से अपना कार्य कर सकें। इसके साथ ही प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सफाईकर्मियों के योगदान को बेहद महत्वपूर्ण मानती है और उनके स्वास्थ्य तथा सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रामनिवास बाग में पौधारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
राजस्थान दिवस के महत्व पर भी की चर्चा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राजस्थान दिवस के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वृहद राजस्थान की स्थापना 30 मार्च 1949 को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन हुई थी। इसी ऐतिहासिक तिथि को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पिछले वर्ष से राजस्थान दिवस उसी तिथि के अनुरूप मनाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष 19 मार्च से राजस्थान दिवस के कार्यक्रमों की शुरुआत हो रही है और 30 मार्च को पूरे प्रदेश में यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस बार आयोजनों की शुरुआत स्वच्छता कार्यक्रम से की गई है, ताकि विकास के साथ-साथ स्वच्छता को भी प्राथमिकता दी जा सके।
पर्यटन स्थलों की स्वच्छता पर दिया विशेष जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान अपनी ऐतिहासिक धरोहरों, महलों, किलों, झीलों, रेगिस्तान और अभयारण्यों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। हर साल लाखों पर्यटक इन स्थानों को देखने के लिए यहां आते हैं। ऐसे में इन पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश के ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों को साफ-सुथरा रखा जाए तो इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और राज्य की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।
स्वच्छ भारत मिशन बना जन-आंदोलन
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान अब देशभर में जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। यह केवल सड़कों और नालियों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में भी बदलाव ला रहा है।
उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर में अब तक 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए जा चुके हैं, जिससे खासकर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान में वृद्धि हुई है।
स्वच्छता में राजस्थान की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में राजस्थान ने भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत प्रदेश में दो लाख 78 हजार से अधिक व्यक्तिगत शौचालय और चार हजार से अधिक सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं।
इसके अलावा राज्य के लगभग सभी गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है। ‘स्वच्छता ही सेवा 2025’ अभियान के दौरान सफाई के लक्ष्यों को हासिल करने में राजस्थान देश में पहले स्थान पर रहा। वहीं स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में उदयपुर और जयपुर देश के शीर्ष 20 शहरों में शामिल हुए, जबकि डूंगरपुर को सुपर स्वच्छ लीग सिटी का सम्मान मिला।
स्वच्छता को आदत बनाने की जरूरत
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता का मतलब केवल एक दिन सफाई करना नहीं है, बल्कि इसे रोजमर्रा की आदत बनाना जरूरी है। यदि हर नागरिक अपने आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे, तो स्वच्छ और विकसित राजस्थान का सपना जल्द ही साकार हो सकता है।
राजस्थान दिवस से पहले शुरू किया गया यह स्वच्छता संकल्प अभियान न केवल सरकार की पहल है, बल्कि यह लोगों के लिए एक संदेश भी है कि स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाकर ही राज्य को स्वस्थ और विकसित बनाया जा सकता है।