पूर्वी एशिया में बढ़ा तनाव, उत्तर कोरिया ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें
पूर्वी एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। दुनिया के कई हिस्सों में पहले से जारी युद्ध और संघर्षों के बीच अब कोरियाई प्रायद्वीप में भी हालात चिंताजनक होते नजर आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में उत्तर कोरिया ने शनिवार को अपने पूर्वी तट से समुद्र की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया। इस घटना के बाद जापान और दक्षिण कोरिया की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पूर्वी तट से समुद्र की ओर छोड़ी गईं मिसाइलें
दक्षिण कोरिया की सेना और जापान के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उत्तर कोरिया ने कम से कम दस बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। बताया जा रहा है कि इन मिसाइलों को जापान सागर की दिशा में छोड़ा गया। इस समुद्री क्षेत्र को जापान “Sea of Japan” कहता है, जबकि उत्तर और दक्षिण कोरिया इसे “East Sea” के नाम से जानते हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी मिसाइलें समुद्र में जाकर गिरीं और किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं मिली है, लेकिन इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंता जरूर पैदा कर दी है।
सुनान इलाके से किया गया प्रक्षेपण
दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ ने बताया कि मिसाइल प्रक्षेपण का पता दोपहर लगभग 1 बजकर 20 मिनट पर चला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन मिसाइलों को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के पास स्थित सुनान इलाके से लॉन्च किया गया था। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक यह इस वर्ष उत्तर कोरिया द्वारा किया गया तीसरा बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण है। इससे पहले 27 जनवरी को भी उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की दिशा में कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया था।
दक्षिण कोरिया की सेना हाई अलर्ट पर
मिसाइल परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया की सेना पूरी तरह सतर्क हो गई है। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने कहा कि सेना पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रही है और यह जांच की जा रही है कि कहीं आगे और मिसाइल परीक्षण तो नहीं किए जाएंगे। दक्षिण कोरिया ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह इस घटना से जुड़ी सभी जानकारियां अमेरिका और जापान के साथ साझा कर रहा है। तीनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग पहले से ही मजबूत है और इस तरह की घटनाओं के बाद संयुक्त निगरानी और रक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया जाता है।
जापान सरकार ने जारी की आपात सूचना
मिसाइल प्रक्षेपण की जानकारी मिलते ही जापान सरकार भी सतर्क हो गई। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए आपातकालीन सूचना जारी कर नागरिकों को स्थिति से अवगत कराया। जापान के कोस्ट गार्ड ने बाद में जानकारी दी कि दागी गई संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्र में गिर चुकी हैं। हालांकि फिलहाल किसी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जापान की रक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रही हैं।
सैन्य अभ्यास के बीच हुआ परीक्षण
यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से अपना वार्षिक सैन्य अभ्यास “फ्रीडम शील्ड” कर रहे हैं। यह सैन्य अभ्यास लगभग 11 दिनों तक चलता है और इसमें दोनों देशों के हजारों सैनिक भाग लेते हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित खतरों से निपटने के लिए संयुक्त सैन्य तैयारी को मजबूत करना होता है।
हालांकि उत्तर कोरिया लंबे समय से ऐसे संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है। प्योंगयांग का आरोप है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया का यह अभ्यास वास्तव में उसके खिलाफ युद्ध की तैयारी का हिस्सा है। ऐसे में माना जा रहा है कि मिसाइल परीक्षण के जरिए उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करते हुए क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया है।