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एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच खाना बनाने के विकल्प, इंडक्शन के अलावा ये तरीके भी बन सकते हैं सहारा

 

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब दुनिया भर के ईंधन बाजारों पर दिखाई देने लगा है। वैश्विक स्तर पर फ्यूल सप्लाई प्रभावित होने के कारण कई देशों में ऊर्जा संकट की स्थिति बन रही है। इसी कड़ी में भारत में भी एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। कुछ इलाकों में गैस सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आई हैं, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार Indian Oil Corporation ने कुछ राज्यों में एलपीजी सिलेंडर के वितरण को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। इसके चलते कई रेस्टोरेंट और छोटे होटल बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। खास तौर पर Tamil Nadu के कुछ क्षेत्रों में गैस सप्लाई में कमी की बात सामने आई है। यदि आने वाले समय में घरेलू सिलेंडरों की भी किल्लत बढ़ती है तो रसोई पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि लोग खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर के अलावा अन्य विकल्पों के बारे में भी जानकारी रखें।

इंडक्शन स्टोव बना सबसे लोकप्रिय विकल्प

एलपीजी गैस के विकल्पों में इंडक्शन स्टोव सबसे ज्यादा लोकप्रिय और उपयोगी माना जाता है। यह उपकरण बिजली से चलता है और अपेक्षाकृत कम बिजली की खपत करता है। इंडक्शन स्टोव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पारंपरिक गैस स्टोव की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तक तेजी से खाना पकाने में सक्षम होता है।

इसके अलावा कई इंडक्शन स्टोव में बिल्ट-इन टाइमर और तापमान नियंत्रण जैसी सुविधाएं भी होती हैं, जिससे खाना जलने की संभावना कम हो जाती है। आपात स्थिति में जब गैस सिलेंडर खत्म हो जाए या उपलब्ध न हो, तब इंडक्शन स्टोव रसोई में एक भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकता है। बाजार में यह कई ब्रांड और मॉडल में उपलब्ध है और इसकी शुरुआती कीमत लगभग 1200 से 1400 रुपये तक होती है।

इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर भी बन रहा लोकप्रिय

पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। यह एक मल्टीफंक्शनल किचन उपकरण है, जिसमें चावल, दाल, सब्जियां, सूप और यहां तक कि बिरयानी जैसे व्यंजन भी आसानी से बनाए जा सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कई तरह के व्यंजन एक ही उपकरण में बनाए जा सकते हैं।

इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर न केवल गैस की खपत को कम करता है बल्कि खाना पकाने का समय भी कम कर देता है। कई आधुनिक कुकर ऐसे होते हैं जिनमें मल्टी-लेयर सिस्टम होता है, जिससे एक साथ अलग-अलग चीजें पकाई जा सकती हैं। इससे समय और ऊर्जा दोनों की बचत होती है।

सोलर स्टोव पर्यावरण के अनुकूल विकल्प

जहां धूप पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होती है, वहां सोलर स्टोव एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। सोलर स्टोव सूर्य की ऊर्जा का उपयोग करके खाना पकाता है और इसमें किसी प्रकार के गैस या बिजली की आवश्यकता नहीं होती।

सोलर स्टोव को एक बार खरीदने के बाद लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। यह पर्यावरण के लिए भी अनुकूल माना जाता है क्योंकि इसमें किसी तरह का प्रदूषण नहीं होता। ग्रामीण क्षेत्रों या खुले स्थानों में रहने वाले लोगों के लिए यह एक प्रभावी और किफायती विकल्प हो सकता है।

बायोगैस से भी मिल सकता है ईंधन

जिन लोगों के पास पशुधन उपलब्ध है, उनके लिए बायोगैस एक बेहतरीन समाधान बन सकता है। बायोगैस प्लांट के जरिए रसोई के जैविक कचरे और गाय के गोबर से गैस तैयार की जाती है, जिसे खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

बायोगैस न केवल मुफ्त ईंधन उपलब्ध कराता है बल्कि यह कचरा प्रबंधन में भी मदद करता है। लंबे समय में यह आर्थिक रूप से भी फायदेमंद साबित होता है क्योंकि इससे एलपीजी गैस पर होने वाला खर्च कम हो जाता है।

एयर फ्रायर और माइक्रोवेव ओवन भी उपयोगी

रसोई में गैस की खपत कम करने के लिए एयर फ्रायर और माइक्रोवेव ओवन भी उपयोगी उपकरण साबित हो सकते हैं। एयर फ्रायर में बिना अधिक तेल के कई तरह के स्नैक्स और व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं। वहीं माइक्रोवेव ओवन का उपयोग खाना गर्म करने, बेकिंग करने और कुछ व्यंजन बनाने में किया जाता है।

ये दोनों उपकरण ऐसे कई काम मिनटों में कर देते हैं, जिनमें गैस स्टोव पर अधिक समय लग सकता है। यदि घर में पहले से गैस सिलेंडर मौजूद है तो इन उपकरणों का उपयोग करके गैस की खपत को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

संकट के समय में विकल्प जरूरी

ऊर्जा संकट या आपूर्ति में बाधा जैसी स्थितियों में रसोई के वैकल्पिक साधन बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। ऐसे में इंडक्शन स्टोव, इलेक्ट्रिक कुकर, सोलर स्टोव, बायोगैस और आधुनिक किचन उपकरण जैसे विकल्प घरों के लिए काफी मददगार साबित हो सकते हैं। सही जानकारी और तैयारी के साथ लोग गैस सिलेंडर की कमी जैसी परिस्थितियों से भी आसानी से निपट सकते हैं।