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खाड़ी में 12 दिन में 18 जहाजों पर हमले, होर्मुज जलडमरूमध्य बना ‘आग का समंदर’

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब वैश्विक स्तर पर दिखाई देने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने खाड़ी क्षेत्र को अस्थिर बना दिया है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। पिछले 12 दिनों में खाड़ी के समुद्री क्षेत्र में कम से कम 18 जहाजों पर हमले हो चुके हैं। लगातार हो रहे इन हमलों के कारण यह इलाका अब “आग का समंदर” बनता जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी इसका गहरा असर पड़ने लगा है।

48 घंटे में 6 जहाजों पर हमला

समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। यूनाइटेड किंगडम की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स और समुद्री खुफिया कंपनी वैनगार्ड की रिपोर्ट में बताया गया है कि सिर्फ 48 घंटे के भीतर ही खाड़ी क्षेत्र में छह अलग-अलग जहाजों पर हमले किए गए। इसके साथ ही युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कुल 18 जहाज निशाना बन चुके हैं।

बुधवार देर रात खाड़ी के उत्तरी हिस्से में इराकी समुद्री क्षेत्र के पास दो तेल टैंकरों में अचानक आग लग गई। न्यूज एजेंसियों के जरिए सामने आए वीडियो में इन टैंकरों से उठती आग की लपटें साफ दिखाई दीं। यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने अपनी प्रारंभिक जांच में बताया कि इन जहाजों को किसी “अज्ञात प्रोजेक्टाइल” यानी हथियार से निशाना बनाया गया था।

भारतीय नाविक की मौत

इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की भी जान चली गई है। अमेरिका के स्वामित्व वाले जहाज “सेफसी विष्णु” पर हमला उस समय हुआ जब वह भारत की ओर आ रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, विस्फोटक से भरी एक तेज रफ्तार बिना चालक वाली नाव जहाज से टकरा गई। टक्कर के बाद जहाज में भीषण आग लग गई और चालक दल के सदस्यों में अफरा-तफरी मच गई।

भारतीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। इस घटना के बाद भारतीय समुद्री अधिकारियों और विदेश मंत्रालय ने मामले पर नजर रखनी शुरू कर दी है और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

लगातार बढ़ रहा समुद्री खतरा

यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने चेतावनी दी है कि अरबियन गल्फ, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और गल्फ ऑफ ओमान के समुद्री इलाकों में सुरक्षा का खतरा अभी भी बेहद गंभीर बना हुआ है। एजेंसी के अनुसार 1 मार्च से अब तक इस पूरे क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों और समुद्री ढांचों से जुड़ी 20 से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इन हमलों का कोई एक पैटर्न नजर नहीं आ रहा है। अलग-अलग देशों के झंडे वाले जहाजों और विभिन्न प्रकार के जहाजों को निशाना बनाया गया है। इसका मतलब यह हो सकता है कि हमलों का उद्देश्य किसी खास देश या कंपनी के जहाज को निशाना बनाना नहीं बल्कि पूरे समुद्री व्यापार को बाधित करना है।

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। अनुमान है कि दुनिया के कुल तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है।

यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स के अनुसार, इस जलडमरूमध्य से हर दिन औसतन करीब 138 जहाज गुजरते हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई या नाकेबंदी का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, शिपिंग और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर का सख्त संदेश

स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक बयान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने का संकेत दिया। 12 मार्च को दिए गए इस बयान में उन्होंने कहा कि देश की जनता चाहती है कि दुश्मन को सबक सिखाने वाली प्रभावी रक्षा जारी रहे।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने का दबाव एक रणनीतिक हथियार है और इसका इस्तेमाल जारी रहेगा। इस बयान के बाद यह आशंका और बढ़ गई है कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव जल्द खत्म होने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में समुद्री टकराव और बढ़ सकता है।