ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका के बयान बदलते रहे, ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार
मध्य पूर्व में जारी युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए जा रहे हमलों के बीच युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के लगातार बदलते बयानों ने नई बहस छेड़ दी है। कभी वे दावा करते हैं कि युद्ध बहुत जल्द समाप्त होने वाला है, तो कभी संकेत देते हैं कि यह संघर्ष लंबा चल सकता है।
हाल ही में ट्रंप ने फिर से कहा कि यह जंग जल्दी ही खत्म हो जाएगी, लेकिन उनके इस बयान पर ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरान का कहना है कि युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला अमेरिका नहीं बल्कि ईरान करेगा।
11 दिन से जारी है भीषण संघर्ष
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को अब 11 दिन हो चुके हैं। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से लगातार हमले किए जा रहे हैं। मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
ईरान ने अपने पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इससे पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बन गया है। युद्ध का असर केवल सैन्य स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संकट से बढ़ी वैश्विक चिंता
इस युद्ध का सबसे बड़ा असर तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई पर पड़ रहा है। फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz इस संघर्ष के कारण असुरक्षित हो गया है।
यह जलमार्ग दुनिया के लिए बेहद अहम माना जाता है क्योंकि वैश्विक पेट्रोलियम का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। युद्ध के कारण इस मार्ग से तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने लगी है, जिससे कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों और तेल की कीमतों पर भी पड़ेगा।
ट्रंप का सख्त चेतावनी भरा बयान
युद्ध के जल्द खत्म होने का दावा करने के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक और कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश की तो अमेरिका उसकी कड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा।
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में ईरान पर अब तक हुए हमलों से 20 गुना ज्यादा भीषण हमला किया जाएगा। उन्होंने अपने बयान में ‘मौत, आग और तबाही’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान को इस हद तक कमजोर कर सकता है कि उसके लिए दोबारा खड़ा होना मुश्किल हो जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रार्थना करते हैं कि ऐसी नौबत न आए।
ईरान का कड़ा जवाब
ट्रंप के बयान पर ईरान ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि युद्ध की समाप्ति का फैसला अमेरिका नहीं कर सकता। ईरान का कहना है कि जब तक उसके हित सुरक्षित नहीं होते, तब तक संघर्ष जारी रह सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच जारी यह तनाव अगर जल्द कम नहीं हुआ तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस संघर्ष के अगले कदम और संभावित समाधान पर टिकी हुई है।