सऊदी अरब में हज के लिए बुकिंग प्रक्रिया शुरू, इस बार नियमों में किए गए अहम बदलाव
दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक हज को लेकर इस साल तैयारियां शुरू हो गई हैं। Saudi Arabia ने 2026 के हज सीजन के लिए घरेलू तीर्थयात्रियों की बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार सरकार ने बुकिंग प्रणाली और भुगतान प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं ताकि तीर्थयात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
Ministry of Hajj and Umrah के अनुसार, अब सऊदी नागरिकों और वहां रहने वाले विदेशी निवासियों को हज पैकेज की बुकिंग पूरी तरह ऑनलाइन करनी होगी। इसके लिए सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म Nusuk Hajj Platform को अनिवार्य बना दिया है।
नुसुक हज प्लेटफॉर्म के जरिए होगी पूरी प्रक्रिया
हज के इच्छुक लोगों को सबसे पहले नुसुक हज प्लेटफॉर्म की वेबसाइट या मोबाइल एप पर लॉग इन करना होगा। जिन लोगों ने पहले से अपना व्यक्तिगत डेटा दर्ज कर रखा है, वे सीधे प्लेटफॉर्म पर जाकर उपलब्ध हज पैकेज देख सकते हैं।
यात्री यहां अलग-अलग श्रेणियों के पैकेज का विवरण देख सकते हैं और अपनी जरूरत व बजट के अनुसार पैकेज का चयन कर सकते हैं। पैकेज चुनने के बाद सिस्टम से इनवॉइस जनरेट किया जाएगा, जिसके आधार पर भुगतान किया जाएगा।
भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी तरह डिजिटल होगी और इसके लिए SADAD Payment System का उपयोग करना अनिवार्य रहेगा। सरकार का कहना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और तीर्थयात्रियों की संख्या का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा।
पेमेंट की समय सीमा को लेकर सख्त नियम
हज बुकिंग के लिए भुगतान की समय सीमा को लेकर भी मंत्रालय ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभी 14 मई तक बुकिंग करने वाले यात्रियों को इनवॉइस जारी होने के बाद 72 घंटे के भीतर भुगतान करना होगा।
हालांकि 15 मई के बाद यह समय सीमा काफी कम कर दी जाएगी। उस तारीख के बाद इनवॉइस जारी होने के बाद केवल छह घंटे के भीतर भुगतान करना जरूरी होगा। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो बुकिंग अपने आप रद्द हो जाएगी और संबंधित स्लॉट किसी अन्य यात्री को दे दिया जाएगा।
कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियम
हज मंत्रालय ने बुकिंग रद्द करने और रिफंड से जुड़े नियम भी स्पष्ट कर दिए हैं। यदि कोई यात्री हज परमिट जारी होने से पहले या 30 शव्वाल यानी 18 अप्रैल तक अपनी बुकिंग रद्द करता है तो उसे बिना किसी कटौती के पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।
हालांकि यदि हज परमिट जारी होने के बाद बुकिंग रद्द की जाती है तो रिफंड की राशि में कुछ कटौती की जाएगी। जैसे-जैसे हज की तारीख नजदीक आएगी, कटौती की राशि भी बढ़ती जाएगी।
मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है कि 1 ज़िलहिज्जा यानी 18 मई के बाद की गई किसी भी बुकिंग कैंसिलेशन पर कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा। इसी दिन नुसुक प्लेटफॉर्म पर हज बुकिंग की प्रक्रिया भी पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य हज व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाना और तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है।