News Image

नेपाल के GenZ आंदोलन से प्रेरित हो कर AI समिट में कांग्रेस का शर्टलेस प्रदर्शन 

दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दावा किया है कि यह विरोध प्रदर्शन नेपाल के तथाकथित ‘GenZ आंदोलन’ से प्रेरित था। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की योजना सुनियोजित थी और इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को प्रभावित करना था। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विभिन्न राज्यों में इसे लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

भारत मंडपम में प्रदर्शन और हंगामा

यह घटना उस समय हुई जब राजधानी के प्रतिष्ठित कन्वेंशन सेंटर भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट चल रहा था। कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ और कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं। इसी दौरान यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता अचानक विरोध प्रदर्शन करते हुए सामने आए। प्रदर्शनकारियों ने टी-शर्ट उतारकर नारेबाजी की और ‘पीएम इज कंप्रोमाइज’ जैसे नारे लगाए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ समय के लिए कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर प्रदर्शनकारियों को काबू में लिया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस दौरान धक्कामुक्की हुई और कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं।

नेपाल के GenZ आंदोलन से प्रेरणा का दावा

दिल्ली पुलिस ने अदालत में पेशी के दौरान दावा किया कि यह प्रदर्शन नेपाल के GenZ आंदोलन की तर्ज पर किया गया था। पुलिस के वकील ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने ऐसे नारे लगाए जो देश को बांटने वाले और राष्ट्रविरोधी प्रकृति के थे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन की जगह जानबूझकर ऐसी चुनी गई जहां बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधि मौजूद थे, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदेश दिया जा सके।

पुलिस का तर्क है कि इस मामले में साजिश की आशंका है और यह जांच का विषय है कि टी-शर्ट कहां छापी गईं और इस विरोध के पीछे किन लोगों की भूमिका रही। मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल साक्ष्य जुटाने की भी आवश्यकता बताई गई है।

चार कार्यकर्ता पुलिस हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने शनिवार, 21 फरवरी 2026 को चार आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। इनमें बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, बिहार से ही प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश से प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं। अदालत ने चारों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

कोर्ट ने पुलिस से रिमांड की आवश्यकता पर सवाल किया, जिस पर पुलिस ने कहा कि चूंकि आरोपी अलग-अलग राज्यों से हैं और मामले की गहराई से जांच करनी है, इसलिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है। पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद करना और डिजिटल सामग्री की जांच करना आवश्यक है।

बचाव पक्ष की दलील और राजनीतिक प्रतिक्रिया

आरोपियों के वकील ने पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि यह गिरफ्तारी लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। उनका तर्क था कि अगर प्रदर्शन के आधार पर गिरफ्तारी होने लगेगी तो संसद में विरोध करने वाले सांसदों को भी इसी आधार पर गिरफ्तार करना पड़ेगा।

इस घटना के बाद कांग्रेस पार्टी राजनीतिक विवादों में घिर गई है। कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं। वहीं कांग्रेस के समर्थकों का कहना है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला है।