इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 से वैश्विक मंच पर चर्चा तेज
India AI Impact Summit 2026 की आधिकारिक शुरुआत के साथ ही भारत एक बार फिर वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विमर्श के केंद्र में आ गया है। इस समिट में लगभग 65 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ आयोजित हो रहा एआई एक्सपो 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें नई तकनीकों, स्टार्टअप्स और शोध उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर दुनिया भर में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह सवाल भी अहम हो गया है कि इस वैश्विक दौड़ में भारत की स्थिति क्या है और कौन देश इस क्षेत्र में सरताज बना हुआ है।
वैश्विक रैंकिंग में भारत की मजबूत छलांग
Stanford University द्वारा जारी Stanford Global AI Index 2025 के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाइब्रेंसी के मामले में भारत ने दुनिया में तीसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने समग्र एआई प्रदर्शन और इकोसिस्टम की मजबूती में कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ दिया है।
साल 2023-24 में भारत सातवें स्थान पर था, लेकिन एक ही वर्ष में उसने उल्लेखनीय उछाल दर्ज करते हुए तीसरी रैंक हासिल कर ली। इस दौरान भारत ने यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों को पीछे छोड़ा। यह प्रगति रिसर्च आउटपुट, कुशल प्रतिभा और उद्योग भागीदारी में तेजी से हुए सुधार का संकेत देती है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में भी तीसरा स्थान
United Nations की Technology and Innovation Report 2025 के अनुसार भी एआई वाइब्रेंसी में भारत तीसरे स्थान पर है। हालांकि निवेश के मामले में भारत अभी दसवें स्थान पर है, जो यह दर्शाता है कि पूंजी निवेश के क्षेत्र में अभी और संभावनाएं मौजूद हैं।
निवेश के लिहाज से अमेरिका और चीन का दबदबा बना हुआ है। अमेरिका एआई अनुसंधान, बुनियादी ढांचे और फंडिंग में पहले स्थान पर है, जहां 67 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश दर्ज किया गया है। चीन दूसरे स्थान पर है, जबकि भारत तीसरे पायदान पर खड़ा है।
एआई टैलेंट और हायरिंग में तेज रफ्तार
भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल और कुशल टैलेंट बेस है। रिपोर्ट्स के अनुसार देश में एआई टैलेंट की उपलब्धता वैश्विक औसत से ढाई गुना अधिक है। इसके साथ ही एआई सेक्टर में हायरिंग सालाना लगभग 33 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।
आईटी सेवाओं में लंबे अनुभव, मजबूत इंजीनियरिंग शिक्षा तंत्र और तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम ने भारत को एआई विकास के लिए अनुकूल माहौल प्रदान किया है। देश में 500 से अधिक वैश्विक एआई केंद्र सक्रिय हैं, जो अनुसंधान और नवाचार को गति दे रहे हैं।
सरकारी पहल और भविष्य की दिशा
भारत सरकार की पहलों ने भी इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। IndiaAI Mission और एआई फॉर ऑल विजन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से नीति समर्थन, बुनियादी ढांचे का विकास और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
इन प्रयासों के चलते भारत वैश्विक एआई परिदृश्य में तेजी से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। हालांकि निवेश और उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभी भी सुधार की गुंजाइश है, लेकिन टैलेंट, रिसर्च और नीतिगत समर्थन के दम पर भारत एआई रेस में मजबूती से टिक चुका है।