6.10 लाख करोड़ का राजस्थान बजट 2026-27: 8वें वेतन आयोग, युवाओं को ब्याज मुक्त लोन और जयपुर पर विशेष फोकस
राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार का लगातार तीसरा पूर्ण बजट विधानसभा में पेश किया। करीब 2 घंटे 52 मिनट तक चले बजट भाषण में उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये का व्यापक बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में सरकारी कर्मचारियों, युवाओं, किसानों, महिलाओं, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण संरक्षण और राजधानी जयपुर के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने इसे विकास, पारदर्शिता और सामाजिक सुरक्षा को केंद्र में रखकर तैयार किया गया बजट बताया है।
कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की दिशा में कदम
बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए 8वें वेतन आयोग को लागू करने की दिशा में एक हाईपावर कमेटी गठित करने का ऐलान किया गया है। यह समिति वेतन आयोग से जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी। हालांकि कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर बजट में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई, जिससे कर्मचारी संगठनों में कुछ हद तक निराशा भी देखने को मिली। फिर भी सरकार ने संकेत दिया है कि कर्मचारियों के हितों को चरणबद्ध तरीके से संबोधित किया जाएगा।
युवाओं के लिए रोजगार और वित्तीय सहायता
युवाओं के लिए बजट में पारदर्शिता और स्वरोजगार पर जोर दिया गया है। भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की घोषणा की गई है। यह एजेंसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से करेगी। हालांकि नई सरकारी भर्तियों की संख्या को लेकर कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ।
सरकार ने 30 हजार युवाओं को स्वरोजगार के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण देने की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित करना और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। इसके अलावा स्कूली बच्चों को खेल किट और ‘जादुई पिटारा’ उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है, ताकि शिक्षा के साथ-साथ खेल और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार ने यह व्यवस्था की है कि जिन मरीजों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें भी प्रदेश में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। इससे गरीब और वंचित वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जयपुर के जे.के. लोन हॉस्पिटल में 75 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का नया आईपीडी टॉवर बनाया जाएगा। राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) में 200 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू और उपचार केंद्र स्थापित किया जाएगा। वहीं सवाई मानसिंह अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया जाएगा। इन घोषणाओं से प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
किसानों और पशुपालकों के लिए बड़े प्रावधान
कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने व्यापक वित्तीय प्रावधान किए हैं। 35 लाख किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त फसली ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे किसानों की वित्तीय निर्भरता कम होगी और उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है।
पशुपालकों के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत 5 लाख पशुपालकों को दूध बोनस दिया जाएगा। 50 हजार सोलर पंप लगाने के लिए 1500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जल संरक्षण के लिए 36 हजार फार्म पॉन्ड और 8 हजार डिग्गियों का निर्माण होगा। साथ ही 50 हजार किसानों को खेतों की तारबंदी के लिए अनुदान दिया जाएगा।
खारे पानी वाले क्षेत्रों, विशेषकर चूरू में झींगा पालन को बढ़ावा देने के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। हथनी कुंड से शेखावाटी तक यमुना जल लाने के लिए 32 हजार करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की जाएगी। कृषि बजट को 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.59 प्रतिशत अधिक है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन में निवेश
बजट में आधारभूत संरचना और परिवहन क्षेत्र को गति देने के लिए 1800 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़कें और पुल बनाने की घोषणा की गई है। अगले वर्ष 15 नए रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनाए जाएंगे, जिससे यातायात सुगम होगा।
चार जिलों में नए एयरपोर्ट निर्माण के लिए सर्वे कराया जाएगा। प्रदेश में 250 ईवी चार्जिंग स्टेशन और 60 सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य राज्यों से लाए गए वाहनों पर टैक्स में कमी की गई है, जिससे वाहन खरीदने वालों को राहत मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
पर्यावरण संरक्षण के तहत अरावली क्षेत्र में 130 करोड़ रुपये की लागत से दीवार निर्माण, जलसंरचना और बीजारोपण कार्य किए जाएंगे। 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सोलर प्लांट की जमीन के 10 प्रतिशत हिस्से में वृक्षारोपण अनिवार्य किया गया है। 1000 करोड़ रुपये का लैंड बैंक बनाया जाएगा।
प्रदेश के 16 जिलों में मॉडर्न ऑक्सी जोन विकसित किए जाएंगे और प्रत्येक पंचायत में ‘नमो वन’ स्थापित करने की योजना है। इन पहलों से हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया गया है।
जयपुर पर विशेष फोकस
राजधानी जयपुर को इस बजट में विशेष प्राथमिकता दी गई है। ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के तहत 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रमुख चौराहों, सिग्नलों और सड़कों का पुनः डिजाइन और उन्नयन किया जाएगा।
बरसात में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत जे.के. लोन, RUHS और एसएमएस अस्पताल में बड़े प्रोजेक्ट लागू किए जाएंगे।
जयपुर साइंस पार्क में स्पेस गैलरी और चिल्ड्रन गैलरी स्थापित की जाएगी। महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जयपुर सेंट्रल जेल भवन का विस्तार किया जाएगा और जयपुर डेयरी के उत्पादों की बिक्री के लिए दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में नए आउटलेट खोले जाएंगे। शहर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर ऑक्सीजोन विकसित किए जाएंगे।
प्रमुख वित्तीय संकेतक
वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित राजस्व प्राप्तियां 3,25,740.13 करोड़ रुपये और राजस्व व्यय 3,50,054.07 करोड़ रुपये अनुमानित है। राजस्व घाटा 24,313.93 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। राजकोषीय घाटा 79,492.52 करोड़ रुपये आंका गया है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 3.69 प्रतिशत है।
राज्य की आय के प्रमुख स्रोतों में एसजीएसटी, राज्य उत्पाद शुल्क, वाहन कर, बिक्री कर, गैर-कर राजस्व, केंद्र से अनुदान और केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा शामिल हैं। कुल प्राप्तियों का बड़ा हिस्सा आंतरिक उधारी और ऋण से आएगा।
खर्च के मदों में राजस्व व्यय 50.15 प्रतिशत, आंतरिक और केंद्रीय ऋण की अदायगी 33.61 प्रतिशत, ब्याज भुगतान 7.14 प्रतिशत और पूंजीगत व्यय 8.84 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।