राजस्थान बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव, उत्तर पुस्तिकाओं में पहली बार बार कोड और सप्लीमेंट्री कॉपी की व्यवस्था
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इस बार बोर्ड परीक्षाओं को लेकर एक बड़ा और अहम बदलाव किया गया है, जिसका सीधा असर लाखों परीक्षार्थियों पर पड़ेगा। परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के स्वरूप में महत्वपूर्ण संशोधन किया है।
उत्तर पुस्तिकाओं में कम होंगे पेज
बोर्ड की ओर से इस बार मुख्य उत्तर पुस्तिकाओं में पेजों की संख्या घटा दी गई है। कक्षा 10वीं की परीक्षा में पहले मिलने वाली उत्तर पुस्तिका की तुलना में अब केवल 20 पेज दिए जाएंगे, जबकि कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को 28 पेज की मुख्य उत्तर पुस्तिका मिलेगी। इससे पहले दोनों ही कक्षाओं में परीक्षार्थियों को अधिक पेज वाली उत्तर पुस्तिकाएं दी जाती थीं, जिनमें कई पेज खाली रह जाते थे।
पहली बार मिलेगी सप्लीमेंट्री उत्तर पुस्तिका
मुख्य उत्तर पुस्तिका में पेज कम किए जाने के साथ ही बोर्ड ने पहली बार 8 पेज की सप्लीमेंट्री उत्तर पुस्तिका की सुविधा शुरू की है। यदि कोई परीक्षार्थी प्रश्न पत्र हल करते समय मुख्य उत्तर पुस्तिका के सभी पेज भर लेता है, तो उसे अतिरिक्त सप्लीमेंट्री कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को उत्तर लिखने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी और वे बिना दबाव के पूरा प्रश्न पत्र हल कर सकेंगे।
अब वीक्षक जारी करेंगे सप्लीमेंट्री कॉपी
अब तक राजस्थान बोर्ड परीक्षा में सप्लीमेंट्री उत्तर पुस्तिका का कोई प्रावधान नहीं था। ऐसी स्थिति में जब परीक्षार्थी मुख्य उत्तर पुस्तिका पूरी भर देता था, तो विशेष परिस्थितियों में जांच-पड़ताल के बाद केंद्राधीक्षक की अनुमति से उसे मूल उत्तर पुस्तिका ही दी जाती थी। नए नियमों के तहत अब परीक्षा कक्ष में मौजूद वीक्षक ही आवश्यकता के अनुसार परीक्षार्थी को सप्लीमेंट्री उत्तर पुस्तिका जारी कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया आसान होगी और समय की भी बचत होगी।
बार कोड से बढ़ेगी सुरक्षा और पारदर्शिता
राजस्थान बोर्ड ने पहली बार उत्तर पुस्तिकाओं पर बार कोड की व्यवस्था लागू की है। इस बार कोड के जरिए न तो उत्तर पुस्तिका में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की जा सकेगी और न ही जांच के दौरान परीक्षार्थी की पहचान उजागर होगी। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी। हालांकि जिन परीक्षा केंद्रों पर अब भी बिना बार कोड वाली पुरानी उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध हैं, वहां पहले उनका उपयोग किया जाएगा। लेकिन कक्षा 10वीं की गणित परीक्षा में बार कोड वाली उत्तर पुस्तिका का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
क्यों किया गया यह बदलाव
शिक्षा विशेषज्ञों और बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, पहले यह देखा गया था कि पूरा प्रश्न पत्र हल करने के बावजूद उत्तर पुस्तिकाओं के कई पेज खाली रह जाते थे। इससे कागज की बर्बादी हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने पेज कम कर आवश्यकता पड़ने पर सप्लीमेंट्री कॉपी देने की व्यवस्था लागू की है।
सीकर जिले में 1.05 लाख परीक्षार्थी
इस वर्ष सीकर जिले में करीब 1.05 लाख परीक्षार्थी राजस्थान बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होंगे। बोर्ड के इस नए फैसले से न केवल परीक्षा प्रणाली अधिक सुव्यवस्थित होगी, बल्कि विद्यार्थियों को भी अधिक सुविधा और निष्पक्ष मूल्यांकन का लाभ मिलेगा।