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बलूचिस्तान में हेरोफ 2.0: 12 शहरों पर हमले और महिला लड़ाके

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 12 से ज्यादा शहरों में एक साथ हमले कर पाकिस्तान की सेना को दहशत में डाल दिया। हमलों में सैकड़ों बलूच लिबरेशन सेनानी शामिल थे और यह पूरी तरह से प्लानिंग के तहत किया गया। अमेरिका के पूर्व विशेष दूत ज़ल्मे खलीलज़ाद ने भी कहा कि पाकिस्तान की रणनीति बलूचों के हमलों के सामने असफल साबित हो रही है।

क्वेटा, नुश्की, मस्तुंग, कलात, खारान, ग्वादर, बुलेदा और कई अन्य शहरों में पुलिस चौकियों, बैंक और सेना वाहनों को निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर इन हमलों के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

हमलों का नुकसान और हताहत

पाकिस्तान की सेना ने दावा किया है कि 67 बलूच विद्रोही मारे गए हैं। दूसरी ओर BLA ने कहा कि 84 पाकिस्तानी जवान मारे गए और 48 हमले 14 शहरों में किए गए। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने क्वेटा, नोशकी, मस्तुंग, दलबांदिन, कलात और ग्वादर में झड़पों और बम धमाकों की पुष्टि की है।

कुछ क्षेत्रों में आत्मघाती बम धमाके और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (VBIEDs) की सूचना मिली है। इंटरनेट कई शहरों में बंद कर दिया गया है, जिससे सही आंकड़े सामने नहीं आ पा रहे हैं।

हेरोफ 2.0 ऑपरेशन क्या है?

‘हेरोफ’ बलूची साहित्यिक शब्द है, जिसका मतलब “काला तूफान” होता है। BLA ने अगस्त 2024 में हेरोफ ऑपरेशन की पहली स्टेज शुरू की थी। अब 2026 में हुए हमलों को हेरोफ 2.0 कहा जा रहा है।

इस बार हमले पहले के मुकाबले ज्यादा समन्वित, हिंसक और व्यापक थे। इसमें बड़ी संख्या में लड़ाके शामिल थे और कई शहरों को कवर किया गया। पहली बार महिला आत्मघाती हमलावर भी हमलों में सक्रिय रहीं।

महिला हमलावर और बशीर जैब

हेरोफ 2.0 में महिला हमलावरों ने सीधे फाइटिंग में हिस्सा लिया। सोशल मीडिया वीडियो में उन्हें पाकिस्तान की सेना के साथ आमने-सामने झड़प में देखा गया।

BLA ने अपने मीडिया विंग के जरिए कमांडर बशीर जैब का फुटेज जारी किया। जैब एक जापानी होंडा 125 मोटरसाइकिल पर नजर आया, दाढ़ी और लंबे बालों के साथ। यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्टर बॉय बनाने की कोशिश के रूप में इस्तेमाल किया गया है।

हेरोफ 2.0 क्यों खतरनाक है?

हेरोफ 2.0 पहली स्टेज की तुलना में ज्यादा खतरनाक इसलिए है क्योंकि:

हमले ज्यादा शहरों में और अधिक संगठित रूप से हुए।

इसमें सैकड़ों लड़ाके और महिलाएं शामिल थीं।

आत्मघाती हमले और VBIEDs का इस्तेमाल किया गया।

BLA ने सोशल मीडिया और मीडिया फुटेज के जरिए अपने नेता और अभियान का प्रचार किया।

इससे पाकिस्तान की सेना की रणनीति चुनौतीपूर्ण स्थिति में है और बलूच विद्रोहियों की ताकत और संगठन क्षमता सामने आई है।