News Image

निर्मला सीतारमण रचेंगी इतिहास, 1 फरवरी को लगातार नौवीं बार पेश करेंगी आम बजट

 

भारत के संसदीय इतिहास में 1 फरवरी का दिन बेहद खास होने जा रहा है। देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस दिन मोदी सरकार का आम बजट पेश करेंगी। इसके साथ ही वह लगातार नौवीं बार बजट पेश कर एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम करेंगी। अब तक किसी भी भारतीय वित्त मंत्री ने लगातार नौ बार बजट पेश नहीं किया है।

लगातार नौवीं बार बजट पेश कर बनाएंगी नया कीर्तिमान

निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को संसद में अपना नौवां बजट भाषण देंगी। यह उपलब्धि उन्हें देश के संसदीय इतिहास में एक विशेष स्थान दिलाएगी। लगातार नौ बार बजट पेश करने वाली वह पहली वित्त मंत्री होंगी, जिससे उनका नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो जाएगा।

पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री का गौरव

निर्मला सीतारमण पहले ही भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं। उन्होंने अब तक लगातार आठ बजट पेश किए हैं, जिनमें आम और अंतरिम बजट दोनों शामिल हैं। उनका कार्यकाल भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व का एक मजबूत उदाहरण माना जा रहा है।

मोरारजी देसाई के ऐतिहासिक रिकॉर्ड के करीब

लगातार नौवीं बार बजट पेश करने के साथ निर्मला सीतारमण भारत में सबसे अधिक बार बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी। यह रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम दर्ज है, जिन्होंने कुल 10 बार आम बजट पेश किया था।

मोरारजी देसाई ने 1959 से 1964 के बीच जवाहर लाल नेहरू सरकार में छह बार और 1967 से 1969 के दौरान लाल बहादुर शास्त्री सरकार में चार बार बजट पेश किया था। इस तरह उन्होंने विभिन्न सरकारों में रहते हुए कुल 10 बजट पेश कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी।

पी. चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी

1 फरवरी को बजट पेश करने के साथ ही निर्मला सीतारमण पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर लेंगी। पी. चिदंबरम ने अपने राजनीतिक करियर में कुल नौ बार बजट पेश किए थे। हालांकि, उन्होंने यह उपलब्धि अलग-अलग कार्यकालों के दौरान हासिल की थी।

प्रणब मुखर्जी के रिकॉर्ड को पहले ही छोड़ चुकी हैं पीछे

गौरतलब है कि वर्ष 2025 में निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश किया था, जिसके साथ उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के आठ बजट पेश करने के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। लेकिन निर्मला सीतारमण की खास बात यह है कि उन्होंने ये सभी बजट लगातार एक ही कार्यकाल में पेश किए हैं।

ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से अहम बजट

कुल मिलाकर, 1 फरवरी को पेश होने वाला यह बजट न केवल देश की आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। निर्मला सीतारमण का यह रिकॉर्ड भारतीय लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं में एक मील का पत्थर माना जाएगा।