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1 अप्रैल से राजस्थान में शराब महंगी, नई आबकारी नीति से बदले दाम और नियम

 

राजस्थान में शराब और बीयर का सेवन करने वालों के लिए नई वित्तीय वर्ष की शुरुआत महंगी साबित होने जा रही है। भजनलाल सरकार ने राज्य की नई आबकारी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए 1 अप्रैल से शराब और बीयर की कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया है। बुधवार देर रात घोषित इस नीति के तहत आबकारी ड्यूटी में वृद्धि की गई है, जिसका सीधा असर खुदरा बाजार में शराब के दामों पर पड़ेगा।

आबकारी ड्यूटी बढ़ी, कीमतों पर सीधा असर

नई आबकारी नीति के अनुसार राज्य सरकार ने शराब पर लगने वाली आबकारी ड्यूटी को 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दिया है। इस बढ़ोतरी का बोझ अब सीधे उपभोक्ताओं को उठाना होगा। सरकार का मानना है कि इससे राजस्व में वृद्धि होगी, वहीं शराब की खपत पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।

अंग्रेजी शराब और बीयर के दाम बढ़े

संशोधित नीति के तहत 750 मिलीलीटर की अंग्रेजी शराब की बोतल पर अधिकतम 20 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं बीयर की बोतल अब 5 रुपये तक महंगी हो जाएगी। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।

प्रदेश में 1200 जोन में होंगी 2400 दुकानें

नई आबकारी नीति में शराब बिक्री की व्यवस्था को भी नए सिरे से तय किया गया है। इसके तहत पूरे राजस्थान में कुल 2400 शराब दुकानें संचालित की जाएंगी, जिन्हें 1200 जोन में विभाजित किया गया है। सरकार का उद्देश्य दुकानों के संचालन को अधिक व्यवस्थित और नियंत्रित बनाना है।

स्कूल और धार्मिक स्थलों से दूरी का नियम सख्त

शराब दुकानों को लेकर दूरी के नियमों को भी सख्त किया गया है। अब शराब की दुकानें स्कूल, कॉलेज और धार्मिक स्थलों से कम से कम 150 मीटर की दूरी पर होंगी। इससे पहले यह दूरी केवल 75 मीटर थी। सरकार का कहना है कि इससे सामाजिक और नैतिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

बढ़ सकता है शराब बिक्री का समय

नई नीति में ठेकेदारों को पहले की तुलना में अधिक बिक्री लक्ष्य दिए गए हैं। ऐसे में सरकार शराब बिक्री के समय को बढ़ाने पर भी विचार कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय आबकारी आयुक्त के स्तर पर लिया जाएगा।

ठेके महंगे, नियम पहले से ज्यादा सख्त

संशोधित नीति में ठेका रिन्युअल गारंटी फीस में बढ़ोतरी की गई है। साथ ही दुकानदारों को अब एक के बजाय दो गोदाम आवंटित करने का प्रावधान किया गया है। यदि कोई संचालक ऑप्शनल लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है और उस पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।

होटल और रेस्टोरेंट बार के लिए नए निर्देश

नई नीति के तहत होटल बार और रेस्टोरेंट बार के मेन्यू में गैर-मादक पेय पदार्थों को शामिल करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को शराब के अलावा अन्य विकल्प उपलब्ध कराना है।

गोदाम होंगे आधुनिक, स्टोरेज क्षमता बढ़ेगी

राजस्थान राज्य बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड और राजस्थान राज्य गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड के गोदामों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। मांग के अनुसार मदिरा भंडारण क्षमता बढ़ाने और लॉजिस्टिक सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

निवेशकों को राहत और अवैध शराब पर सख्ती

नई नीति में निवेश को बढ़ावा देने के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। वहीं अवैध और हानिकारक शराब पर रोक लगाने के लिए आबकारी आयुक्त को अधिक अधिकार दिए गए हैं।

2025 से 2029 तक लागू रहेगी नीति

राजस्थान की नई आबकारी नीति वर्ष 2025 से 2029 तक प्रभावी रहेगी। सभी संशोधन राजस्थान आबकारी अधिनियम 1950 और संबंधित नियमों में बदलाव के बाद राजपत्र में प्रकाशित किए जाएंगे।