News Image

यूजीसी की नई गाइडलाइंस पर कलराज मिश्र की आपत्ति, कहा– सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए

 

यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) द्वारा हाल ही में जारी की गई नई गाइडलाइंस को लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में बहस तेज हो गई है। इसी कड़ी में राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने इन गाइडलाइंस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की है। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि नई गाइडलाइंस समाज के विभिन्न वर्गों के बीच असमानता पैदा कर सकती हैं, जो किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

2012 की गाइडलाइंस से अलग हैं नए नियम

कलराज मिश्र ने बताया कि वर्ष 2012 में यूजीसी द्वारा जो गाइडलाइंस जारी की गई थीं, उनमें केवल अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) से जुड़े प्रावधान शामिल थे। लेकिन नई गाइडलाइंस में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को भी जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह अलग-अलग जातियों के आधार पर नियम बनाना समाज को बांटने जैसा है। विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले सभी छात्र समान होते हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

जातिगत आधार पर विभाजन ठीक नहीं

पूर्व राज्यपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जातिगत भेदभाव के नाम पर छात्रों को अलग-अलग वर्गों में बांटना सही नहीं है। शिक्षा का उद्देश्य समानता और समरसता को बढ़ावा देना है, न कि विभाजन को। उन्होंने कहा कि सभी छात्रों को समान अधिकार मिलने चाहिए और किसी भी वर्ग को अलग तरीके से देखने की नीति उचित नहीं है। इसी कारण उनका मानना है कि यूजीसी को इस नए नियम पर पुनर्विचार करना चाहिए और इसे वापस लेना ही बेहतर होगा।

झूठी शिकायतों पर दंड का प्रावधान जरूरी

कलराज मिश्र ने नई गाइडलाइंस में एक और बड़ी कमी की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान नियमों में झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ दंड का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इससे व्यवस्था का दुरुपयोग होने की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने सुझाव दिया कि जो लोग झूठी शिकायतें करते हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि निष्पक्षता बनी रहे।

शिकायत निवारण प्रक्रिया में समय-सीमा तय हो

उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत निवारण समितियों के कामकाज में समय-सीमा तय की जानी चाहिए। यदि किसी शिकायत का निपटारा तय समय में नहीं होता है, तो इससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को मानसिक तनाव झेलना पड़ता है। समयबद्ध कार्रवाई से व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा।

अजित पवार के निधन पर जताया गहरा शोक

इसी बातचीत में कलराज मिश्र ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन पर भी गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्लेन क्रैश में अजित पवार की दुखद मृत्यु हुई, जो देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि अजित पवार जनता के बीच अत्यंत लोकप्रिय नेता थे और लोग उन्हें अपना मित्र और अभिभावक मानते थे।

लोकप्रिय नेता के रूप में थी पहचान

कलराज मिश्र ने कहा कि अजित पवार ने हमेशा जनता के हित में काम किया और महाराष्ट्र की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि अजित पवार के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और इस कठिन समय में उनके परिवार एवं समर्थकों को संबल प्रदान हो।