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MDS यूनिवर्सिटी: छात्रों से उत्तर पुस्तिका चेक करवाने का आरोप, NSUI का मेन गेट पर प्रदर्शन

अजमेर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (MDSU) एक बार फिर अपनी परीक्षा व्यवस्था को लेकर विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय में परीक्षा मूल्यांकन के दौरान नियमों को ताक पर रखकर छात्रों से ही उत्तर पुस्तिकाएं चेक करवाई जा रही हैं। इस कथित अनियमितता को लेकर छात्र संगठनों में भारी रोष है और विश्वविद्यालय की साख पर भी सवाल उठने लगे हैं।

NSUI ने लगाए गंभीर आरोप

छात्र संगठन NSUI ने इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। संगठन का कहना है कि परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं हो रही हैं, जिससे छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। NSUI नेताओं का आरोप है कि यदि छात्र स्वयं उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में शामिल होंगे, तो निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। संगठन ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मेन गेट पर उग्र प्रदर्शन

मामले को लेकर रविवार, 19 जनवरी को NSUI के देहात अध्यक्ष अंकित घारू और शहर अध्यक्ष अभिषेक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय के मेन गेट पर एकत्रित हुए। यहां छात्रों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया और गेट पर चढ़कर नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारी एमडीएस परिसर स्थित कुलपति सचिवालय के मेन गेट तक भी पहुंच गए, जहां उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से नकली नोट फेंककर प्रशासन पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए।

परिसर में बना तनावपूर्ण माहौल

NSUI के इस उग्र प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। आंदोलन के और भड़कने की आशंका को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। हालांकि पुलिस की मौजूदगी के चलते हालात पर नियंत्रण बना रहा। छात्र नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

परीक्षा नियंत्रक का बयान

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक सुनील कुमार टेलर ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नागौर शहर के एक शिक्षक की पहचान कर ली गई है, जो वीडियो में नजर आ रहे हैं। साथ ही शिक्षक के साथ दिखाई दे रहे दोनों छात्रों को भी चिन्हित कर लिया गया है। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार यह कृत्य विश्वविद्यालय के परीक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शाम तक हो सकती है कार्रवाई

परीक्षा नियंत्रक ने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और आज शाम तक नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सख्त बनाया जाएगा।