दुनिया में रूस की परमाणु धमकी से बढ़ी चिंता, यूके और यूरोप पर मंडराया बड़े युद्ध का खतरा
दुनिया एक बार फिर गंभीर तनाव की स्थिति में पहुंचती नजर आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की आशंका कुछ कम हुई ही थी कि रूस से आई एक बड़ी और डराने वाली खबर ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। रूस ने ब्रिटेन सहित पूरे यूनाइटेड किंगडम को लेकर बेहद कड़ी चेतावनी दी है। रूस का कहना है कि अगर हालात उसके खिलाफ गए, तो वह परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से भी पीछे नहीं हटेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस पहले से ही यूक्रेन के साथ युद्ध में उलझा हुआ है।
यूक्रेन युद्ध के बीच यूके पर सीधी धमकी
रूस की ओर से यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि अब यूरोपीय देशों को “सबक सिखाने” का समय आ गया है। रूस के प्रभावशाली रणनीतिकार और विदेश व रक्षा नीति परिषद के प्रमुख सर्गेई कारागानोव ने कहा है कि अगर रूस यूक्रेन युद्ध हारता है, तो इसके नतीजे बेहद भयावह होंगे। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का फैसला कर सकते हैं, जिससे यूरोप को भारी तबाही झेलनी पड़ सकती है। खास तौर पर यूके को लेकर बयान ने दुनिया की चिंता और बढ़ा दी है।
“अब यूरोप को सजा देनी होगी”
सर्गेई कारागानोव ने यह भी कहा कि रूस अब तक यूके और यूरोप के मामले में काफी संयम बरत रहा है, लेकिन यह धैर्य हमेशा नहीं रहेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि वे इस मुद्दे पर अपनी ही सरकार की आलोचना करते रहे हैं कि यूरोप के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे। उनके मुताबिक, अगर यूरोपीय देश अपनी नीतियों और गतिविधियों से बाज नहीं आते हैं, तो रूस को उन्हें सजा देनी होगी। यह बयान सीधे तौर पर यूरोप के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
यूरोपीय नेताओं पर तीखा हमला
कारागानोव ने यूरोपीय नेताओं पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यूरोप अब अपनी पुरानी ताकत खो चुका है और मौजूदा हालात की गंभीरता को समझने में असमर्थ है। उनके अनुसार, यूरोपीय नेता इस भ्रम में जी रहे हैं कि युद्ध कभी उनके दरवाजे तक नहीं पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यूरोप यह भूल चुका है कि युद्ध कितना विनाशकारी हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि रूस बिना परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किए ही यूरोप को चेतावनी देकर “होश में” ला सके।
पहले से ही तनावग्रस्त अंतरराष्ट्रीय हालात
यह धमकी ऐसे समय आई है, जब वैश्विक हालात पहले से ही बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ग्रीनलैंड को लेकर NATO देशों की सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं। ब्रिटेन, स्वीडन, नॉर्वे, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड्स और कनाडा अपनी सैन्य मौजूदगी मजबूत कर रहे हैं, जबकि डेनमार्क आर्कटिक क्षेत्र में अपनी पकड़ बढ़ा रहा है। इन सबके बीच अगर रूस यूके या अन्य यूरोपीय देशों के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठाता है, तो हालात तेजी से बेकाबू हो सकते हैं और दुनिया एक नए बड़े युद्ध की ओर बढ़ सकती है।