125 शतक जड़ने वाले खिलाड़ी ने छक्का मारकर भारत को दिलाई रोमांचक जीत
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की है। पहले ही मुकाबले में भारत ने अमेरिका को 6 विकेट से हराकर यह साफ कर दिया कि टीम इस टूर्नामेंट में खिताब की प्रबल दावेदार है। भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित और आक्रामक प्रदर्शन के बाद बल्लेबाजी में भले ही टीम को शुरुआती झटके लगे, लेकिन संयम और समझदारी के दम पर भारत ने मुकाबले को अपने नाम कर लिया।
अभिज्ञान कुंडू बने जीत के सबसे बड़े हीरो
इस रोमांचक जीत के असली हीरो अभिज्ञान कुंडू रहे। जब वह बल्लेबाजी के लिए उतरे, तब भारतीय टीम दबाव में थी और शुरुआती विकेट गिरने से स्थिति थोड़ी मुश्किल हो चुकी थी। ऐसे समय में अभिज्ञान कुंडू ने जिम्मेदारी संभाली और हालात को समझते हुए पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने जल्दबाजी नहीं दिखाई और रन बनाने के साथ-साथ विकेट बचाने पर भी पूरा ध्यान दिया।
कुंडू ने विहान मल्होत्रा और कनिष्क चौहान के साथ अहम साझेदारियां कीं, जिससे भारत धीरे-धीरे लक्ष्य के करीब पहुंचता गया। उन्होंने नाबाद 42 रनों की संयमित लेकिन प्रभावशाली पारी खेली और आखिर में छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई। खास बात यह है कि अभिज्ञान कुंडू जूनियर क्रिकेट में अब तक 125 शतक लगा चुके हैं, जो उनकी असाधारण प्रतिभा और निरंतरता को दर्शाता है।
अमेरिकी बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने बेबस
इस मुकाबले में अमेरिका ने पहले बल्लेबाजी की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने उनकी एक नहीं चली। पूरी अमेरिकी टीम 35.2 ओवर में सिर्फ 107 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाया रखा और विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। अमेरिकी बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका ही नहीं मिला और कोई भी खिलाड़ी बड़ी पारी नहीं खेल सका।
हेनिल पटेल की घातक गेंदबाजी ने बदला मैच का रुख
अमेरिका को छोटे स्कोर पर समेटने में सबसे बड़ी भूमिका हेनिल पटेल ने निभाई। इस युवा तेज गेंदबाज ने अपनी धारदार गेंदबाजी से अमेरिकी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। हेनिल पटेल ने 7 ओवर में सिर्फ 16 रन देकर 5 विकेट झटके। अंडर-19 वर्ल्ड कप में यह प्रदर्शन भारतीय गेंदबाजों के बेहतरीन स्पेल में गिना जाएगा। उनकी गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया और अमेरिका पर दबाव बना दिया।
रन चेज में भारत की लड़खड़ाती शुरुआत
बारिश के चलते लक्ष्य में संशोधन किया गया और भारत को जीत के लिए 96 रन बनाने थे। लक्ष्य देखने में आसान था, लेकिन भारतीय पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और वेदांत त्रिवेदी जल्दी-जल्दी आउट हो गए। एक समय भारत ने सिर्फ 25 रन पर अपने तीन अहम विकेट गंवा दिए थे, जिससे मुकाबला अचानक रोमांचक हो गया।
हालांकि, इसके बाद अभिज्ञान कुंडू ने पारी को संभाला और टीम को संकट से बाहर निकाला।
टॉप ऑर्डर के लिए चिंता, अगला मुकाबला बांग्लादेश से
भले ही भारत ने यह मैच जीत लिया हो, लेकिन टॉप ऑर्डर का इस तरह जल्दी आउट होना टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय रहेगा। जिम्बाब्वे की परिस्थितियों में युवा बल्लेबाज थोड़े असहज नजर आए। भारतीय टीम को अगले मुकाबले में अपने शीर्ष क्रम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
अब भारत का अगला मुकाबला 17 जनवरी को बांग्लादेश के खिलाफ बुलावायो में खेला जाएगा। इस मैच में भारतीय टीम जीत की लय बरकरार रखने के साथ-साथ अपनी कमजोरियों को सुधारने के इरादे से मैदान में उतरेगी।