पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के ठिकानों पर ACB की रेड, गर्माई राजनीति
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से आने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय के ठिकानों पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की छापेमारी से प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने हाल ही में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में वापसी करने का सार्वजनिक ऐलान किया था। उनके इस फैसले के बाद अचानक हुई ACB रेड को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है और इसे लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
कांग्रेस में वापसी के ऐलान के बाद बढ़ा विवाद
महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने कुछ दिन पहले अपने हजारों समर्थकों की मौजूदगी में कांग्रेस में लौटने की घोषणा की थी। उन्होंने यह संकेत दिया था कि वह बीजेपी से संतुष्ट नहीं हैं और पार्टी में रहते हुए उनके साथ किए गए वादे पूरे नहीं हुए। कांग्रेस में वापसी के इस ऐलान के महज कुछ घंटों बाद ही उनके व्यावसायिक ठिकानों पर ACB की कार्रवाई सामने आई, जिससे उनके समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है।
समर्थकों के साथ मंदिर परिसर में विरोध प्रदर्शन
ACB रेड के विरोध में महेंद्रजीत सिंह मालवीय नाहरपुरा भैरव मंदिर परिसर पहुंचे, जहां उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। यहां उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कड़ा विरोध जताया। समर्थकों का कहना है कि यह छापेमारी बदले की भावना से की गई है, क्योंकि मालवीय ने बीजेपी छोड़ने का फैसला किया है। मौके पर माहौल तनावपूर्ण रहा, हालांकि स्थिति नियंत्रण में बनी रही।
गोविंद सिंह डोटासरा का BJP पर गंभीर आरोप
इस पूरे मामले पर राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि महेंद्रजीत सिंह मालवीय बीजेपी में सहज महसूस नहीं कर रहे थे, क्योंकि पार्टी ने उनसे किए गए वादे पूरे नहीं किए। डोटासरा के मुताबिक, मालवीय को बीजेपी छोड़ने से रोकने की कोशिश भी की गई। यहां तक कि उनकी गाड़ी को पुलिस के जरिए रुकवाया गया और उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने के लिए कहा गया। उन्हें बोर्ड या निगम में पद देने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन जब उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय नहीं बदला, तो उनके खिलाफ ACB की कार्रवाई करवाई गई।
BJP का पलटवार, एजेंसियों की कार्रवाई में हस्तक्षेप से इनकार
वहीं, इस मामले में बीजेपी ने सभी आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि महेंद्रजीत सिंह मालवीय अभी औपचारिक रूप से बीजेपी में ही हैं और उन्होंने कांग्रेस जॉइन नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ACB की कार्रवाई हुई है तो वह उनकी ही पार्टी के नेता पर हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बीजेपी किसी भी मामले में अपना-पराया नहीं देखती। मदन राठौड़ ने यह दावा किया कि बीजेपी जांच एजेंसियों के काम में कोई हस्तक्षेप नहीं करती और इस पारदर्शिता के लिए कांग्रेस को धन्यवाद देना चाहिए।
आगे की तस्वीर
महेंद्रजीत सिंह मालवीय के ठिकानों पर ACB रेड ने राजस्थान की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी एजेंसियों की स्वतंत्रता का दावा कर रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब मालवीय कांग्रेस में औपचारिक रूप से शामिल होते हैं या ACB की जांच में कोई नया मोड़ सामने आता है।