5 दिवसीय जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आज से आगाज, सर्द हवाओं में घुलेंगे शब्द और विचार
गुलाबी नगरी जयपुर एक बार फिर साहित्य, विचार और संवाद के सबसे बड़े वैश्विक मंच का साक्षी बनने जा रही है। दुनियाभर में प्रसिद्ध जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का पांच दिवसीय आयोजन गुरुवार से राजधानी जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित एक होटल में शुरू हो रहा है। सर्द हवाओं के बीच शब्दों और विचारों की गर्माहट से सराबोर यह उत्सव 19 जनवरी तक चलेगा। यह फेस्टिवल न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए बल्कि विचार, कला, संगीत और संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए भी एक खास अवसर है।
19वां संस्करण, तैयारियां अंतिम चरण में
इस वर्ष जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का यह 19वां संस्करण है। शहर का माहौल पहले से ही साहित्यिक रंग में रंगा नजर आ रहा है। देश-विदेश से आए लेखक, विचारक और पाठक जयपुर की सड़कों, होटलों और कैफे में नजर आने लगे हैं। फेस्टिवल को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और साहित्य प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजय के. रॉय के अनुसार इस बार कई नए वक्ता और नए विषय फेस्टिवल का हिस्सा बन रहे हैं, जिससे संवाद का दायरा और व्यापक होगा।
राजनीति, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर मंथन
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विचारों का ऐसा संगम है जहां इतिहास, राजनीति, समाज, कला और साहित्य के साथ-साथ समकालीन वैश्विक मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा होती है। इस बार फेस्टिवल में साइंस, टेक्नोलॉजी, इकोनॉमिक्स और जिओ पॉलिटिक्स जैसे विषयों पर कई सत्र आयोजित किए जाएंगे। भारत के पड़ोसी देशों में चल रहे संघर्ष, वैश्विक राजनीति की बदलती दिशा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। वेनेजुएला, रूस और ईरान जैसे देशों से जुड़े तेल और ऊर्जा सुरक्षा के सवालों पर विशेषज्ञ अपनी राय साझा करेंगे। इसके साथ ही हिंदी भाषा, राजस्थानी साहित्य और क्षेत्रीय सांस्कृतिक परंपराओं पर विशेष फोकस रखा गया है।
पांच दिनों तक संवाद और बहस का मंच
आगामी पांच दिनों तक जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में विचार बहस का रूप लेंगे और बहस संवाद में बदलती नजर आएगी। देश-विदेश के लेखक, कवि, विचारक और पाठक एक साथ इस मंच पर जुटेंगे। बुक स्टॉल्स पर देश और दुनिया के प्रसिद्ध लेखकों की नई और पुरानी किताबें सजी होंगी, जो पाठकों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी। यह फेस्टिवल न केवल पढ़ने और सुनने का मंच है, बल्कि यहां संवाद स्मृतियों में बदलते हैं और विचार लंबे समय तक मन में जगह बना लेते हैं।
अब तक का सफर और इस साल की झलक
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल अब तक 2 हजार से अधिक वक्ताओं की मेजबानी कर चुका है। दुनिया भर से एक मिलियन से ज्यादा पुस्तक प्रेमी इस आयोजन का हिस्सा बन चुके हैं। वर्ष 2025 में 500 से अधिक वक्ता शामिल हुए थे और 25 से ज्यादा किताबों का लोकार्पण हुआ था। इस बार फेस्टिवल में 266 सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें करीब 500 वक्ता भाग लेंगे। ये सत्र फ्रंट लॉन, चारबाग, सूर्य महल, दरबार हॉल, एएएफ बागान और बैठक जैसे विभिन्न वेन्यू पर आयोजित होंगे। इसके अलावा शॉपिंग और फूड स्टॉल्स भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
शामें होंगी संगीत के नाम
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की शामें हमेशा से संगीत के रंग में रंगी रहती हैं। इस बार भी म्यूजिक स्टेज पर अलग-अलग शोज के जरिए ऑडियंस को संगीत के विविध रंगों से रूबरू कराया जाएगा। पहले दिन गुरुवार को शाम 7:30 बजे संगीतकार सौमिक दत्ता अपनी प्रोडक्शन टीम के साथ प्रस्तुति देंगी। इसके बाद 8:45 बजे से वासु दीक्षित कलेक्टिव का कार्यक्रम होगा। 16 जनवरी को जयपुर के फोक-फ्यूजन बैंड युग्म, रमन नेगी और भारतीय बैंड परवाज की प्रस्तुतियां होंगी। 17 जनवरी को गौली भाई और थाइकुडम ब्रिज जैसे प्रसिद्ध कलाकार मंच संभालेंगे।
मॉर्निंग म्यूजिक से होगी दिन की शुरुआत
फेस्टिवल की शुरुआत हर दिन मॉर्निंग म्यूजिक से होगी। पहले दिन फ्रंट लॉन में ‘नाद-स्वर और शांति के बीच’ कार्यक्रम के तहत कर्नाटक संगीत समूह प्रस्तुति देगा। इसके बाद आने वाले दिनों में भंवरी देवी, ताल फ्राई समूह, आओ नागा कॉयर और संतूर उस्ताद नवाब खान जैसे कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। फेस्टिवल की हैरिटेज नाइट आमेर महल में आयोजित की जाएगी, जहां ग्रैमी अवॉर्ड विजेता तबला वादक त्रिलोक गुर्टू अपनी प्रस्तुति देंगे।
इन नामों पर रहेगी सबकी नजर
इस साल फेस्टिवल में जावेद अख्तर, सुधा मूर्ति, वीर दास, किरण देसाई, टिम बर्नर्स-ली, विश्वनाथन आनंद, जिमी वेल्स, अश्विन सांघी, अनुराधा रॉय, एस्तेर डुफ्लो, डी.वाई. चंद्रचूड़, गौर गोपाल दास, गोपाल कृष्ण गांधी सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी। बुधवार को रामबाग पैलेस में आयोजित प्री-पार्टी में साहित्य, संगीत और सिनेमा जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत कर फेस्टिवल के रंग को और गहरा कर दिया।