रिटायरमेंट के बाद पैसों की टेंशन खत्म: पैसिव इनकम से होगी नियमित कमाई
रिटायरमेंट के बाद जीवन का एक नया चरण शुरू होता है, लेकिन इसी के साथ सबसे बड़ी चिंता बन जाती है नियमित आमदनी की। नौकरी के दौरान हर महीने सैलरी आने से खर्चों की योजना आसानी से बन जाती है, लेकिन रिटायर होने के बाद अगर आय का कोई स्थायी स्रोत न हो, तो आर्थिक दबाव बढ़ने लगता है। ऐसे समय में पैसिव इनकम एक भरोसेमंद समाधान बनकर सामने आती है, जो बिना रोजाना मेहनत किए नियमित कमाई का जरिया बन सकती है।
क्या होती है पैसिव इनकम और क्यों है यह जरूरी
पैसिव इनकम का अर्थ है ऐसी आय, जो आपको बार-बार सक्रिय रूप से काम किए बिना मिलती रहे। इसमें शुरुआत में थोड़ी योजना या निवेश करना पड़ता है, लेकिन उसके बाद यह आय तय समय पर अपने आप आती रहती है। किराए से मिलने वाली आमदनी, सरकारी बचत योजनाओं का ब्याज, डिविडेंड या पेंशन जैसी इनकम इसके प्रमुख उदाहरण हैं। रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए पैसिव इनकम बेहद जरूरी मानी जाती है, क्योंकि यह खर्चों को संभालने में मदद करती है और मानसिक तनाव भी कम करती है।
सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम से सुरक्षित आमदनी
सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम रिटायर लोगों के लिए सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्पों में गिनी जाती है। यह पूरी तरह सरकार द्वारा समर्थित योजना है, जिसमें निवेश पर नियमित ब्याज मिलता है। मौजूदा समय में इस स्कीम पर लगभग 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर मिल रही है। इसमें अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है और इसकी अवधि पांच साल की होती है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ब्याज हर तिमाही सीधे बैंक खाते में जमा हो जाता है, जिससे नियमित कैश फ्लो बना रहता है। साथ ही, इसमें टैक्स से जुड़ी कुछ राहत भी मिलती है।
प्रॉपर्टी को किराए पर देकर बनाएं स्थायी इनकम
अगर आपके पास फ्लैट, मकान या दुकान जैसी कोई प्रॉपर्टी है, तो उसे किराए पर देना रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का मजबूत जरिया बन सकता है। किरायेदार मिलने के बाद हर महीने एक तय रकम मिलती रहती है, जिससे रोजमर्रा के खर्च आसानी से पूरे किए जा सकते हैं। हालांकि, इस विकल्प में कुछ सावधानियां जरूरी हैं। किरायेदार के साथ लिखित लीज एग्रीमेंट बनाना और उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी लेना जरूरी होता है। लंबे समय में प्रॉपर्टी से मिलने वाली इनकम स्थिर और लाभदायक साबित हो सकती है।
डिविडेंड देने वाले शेयर और म्यूचुअल फंड
जो लोग थोड़ा जोखिम लेने के लिए तैयार हैं, उनके लिए डिविडेंड देने वाले शेयर और म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। ऐसे निवेश से सालाना डिविडेंड के रूप में नियमित आमदनी मिलती है और साथ ही पूंजी में बढ़ोतरी की भी संभावना रहती है। रिटायरमेंट के बाद इस विकल्प को चुनते समय उन कंपनियों या फंड्स पर ध्यान देना चाहिए, जिनका ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत रहा हो और जो लंबे समय से स्थिर रिटर्न देते आ रहे हों।
पोस्ट ऑफिस मासिक इनकम स्कीम से हर महीने पैसा
पोस्ट ऑफिस मासिक इनकम स्कीम उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जो जोखिम से दूर रहकर हर महीने तय आमदनी चाहते हैं। इस स्कीम में सिंगल अकाउंट के लिए 9 लाख रुपये और जॉइंट अकाउंट के लिए 15 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है। मौजूदा ब्याज दर लगभग 7.4 प्रतिशत है और इसकी अवधि पांच साल की होती है। इस योजना में निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहता है और हर महीने ब्याज के रूप में नियमित आय मिलती है।
एन्युइटी प्लान से जीवनभर पेंशन जैसी आमदनी
एन्युइटी प्लान या पेंशन स्कीम उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है, जो चाहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद हर महीने जीवनभर एक तय राशि मिलती रहे। इसमें एकमुश्त रकम निवेश की जाती है और इसके बदले मासिक, तिमाही या वार्षिक इनकम मिलती है। यह इनकम कितनी होगी, यह निवेश की राशि और चुने गए प्लान पर निर्भर करता है। सही योजना के चयन से रिटायरमेंट के बाद आर्थिक स्थिरता बनी रहती है और जीवन आरामदायक बनता है।