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बच्चों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव: PFRDA ने जारी की NPS वात्सल्य योजना 2025 की नई गाइडलाइन्स

 

हर माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चे का भविष्य होता है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा सबसे अहम हैं। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने बच्चों के लिए एक दीर्घकालिक पेंशन और निवेश योजना ‘NPS वात्सल्य’ की शुरुआत की थी। अब पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने इस योजना से जुड़ी 2025 की नई गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं, जिससे यह स्कीम और अधिक स्पष्ट, सरल और आम परिवारों के लिए सुलभ हो गई है।

बजट से लॉन्च तक का सफर

NPS वात्सल्य योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में की गई थी। इसके बाद सितंबर 2024 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया। योजना का उद्देश्य माता-पिता को यह अवसर देना है कि वे अपने बच्चों के नाम पर बहुत कम रकम से निवेश शुरू कर सकें और समय के साथ एक बड़ा फंड तैयार कर सकें। नई गाइडलाइन्स के जरिए सरकार और PFRDA ने इसके नियमों को और व्यावहारिक बना दिया है।

कौन खोल सकता है NPS वात्सल्य खाता और क्या है पात्रता

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी व्यापक पात्रता है। कोई भी भारतीय नागरिक अपने बच्चे के लिए यह खाता खुलवा सकता है। इसमें भारत में रहने वाले नागरिकों के साथ-साथ एनआरआई और ओसीआई कार्डधारक भी शामिल हैं। शर्त केवल यह है कि बच्चे की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए। खाता पूरी तरह बच्चे के नाम पर खोला जाएगा और वही इसका एकमात्र लाभार्थी होगा। हालांकि, बच्चे के नाबालिग रहने तक खाते का संचालन माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा किया जाएगा।

सिर्फ 250 रुपये से निवेश की शुरुआत

NPS वात्सल्य योजना को खास तौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस खाते की शुरुआत मात्र 250 रुपये से की जा सकती है। इसके बाद हर साल कम से कम 250 रुपये का योगदान अनिवार्य होगा। अधिकतम निवेश की कोई सीमा तय नहीं की गई है, यानी माता-पिता अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार अधिक राशि भी जमा कर सकते हैं। इतना ही नहीं, बच्चे के रिश्तेदार या शुभचिंतक भी इस खाते में गिफ्ट के रूप में पैसा जमा कर सकते हैं, जो आगे चलकर बच्चे के भविष्य की पूंजी बनेगा।

पसंद के पेंशन फंड का विकल्प

निवेशकों को इस योजना में यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे PFRDA के साथ पंजीकृत पेंशन फंड्स में से किसी एक का चयन कर सकें। अभिभावक अपने जोखिम और अपेक्षित रिटर्न के अनुसार पेंशन फंड चुन सकते हैं। इससे निवेश को बेहतर ढंग से मैनेज करने और लंबे समय में अच्छा रिटर्न पाने की संभावना बढ़ जाती है।

जरूरत पड़ने पर आंशिक निकासी की सुविधा

नई गाइडलाइन्स के अनुसार, NPS वात्सल्य खाता पूरी तरह लॉक-इन नहीं है। खाता खोलने के तीन साल बाद आंशिक निकासी की सुविधा उपलब्ध होगी। निवेशक अपने कुल योगदान का 25 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं, हालांकि इसमें निवेश से हुए मुनाफे को शामिल नहीं किया जाएगा। यह निकासी बच्चे की उच्च शिक्षा, गंभीर बीमारी के इलाज या विशेष प्रकार की दिव्यांगता जैसी जरूरतों के लिए ही की जा सकेगी। बच्चा 18 वर्ष की उम्र तक दो बार और 18 से 21 वर्ष के बीच दो बार आंशिक निकासी कर सकता है।

18 साल पूरे होने पर क्या होंगे विकल्प

जब बच्चा 18 वर्ष का हो जाएगा, तब उसे अपना नया केवाईसी कराना होगा। इसके बाद वह इस खाते को जारी रख सकता है या इसे सामान्य NPS टियर-1 खाते में बदल सकता है। यदि वह योजना से बाहर निकलना चाहता है, तो उसे कुल जमा राशि का कम से कम 20 प्रतिशत हिस्सा एन्युइटी में निवेश करना होगा, जिससे भविष्य में पेंशन मिल सके। शेष 80 प्रतिशत राशि वह एकमुश्त निकाल सकता है। हालांकि, यदि कुल जमा राशि 8 लाख रुपये या उससे कम है, तो पूरी रकम एक साथ निकालने की अनुमति होगी।

ग्रामीण भारत तक योजना पहुंचाने की तैयारी

सरकार का लक्ष्य इस योजना को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित रखना नहीं है। इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्कर्स और बैंक सखियों को योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि वे ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में जागरूकता फैलाएं। इससे अधिक से अधिक परिवार अपने बच्चों के भविष्य के लिए समय रहते निवेश शुरू कर सकेंगे और ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।