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विटामिन-के की कमी से क्या-क्या दिक्कतें होती हैं? सेहतमंद रहने के लिए थाली में आज ही शामिल करें ये जरूरी चीजें

स्वस्थ और रोगमुक्त जीवन के लिए संतुलित आहार की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। कई शोध और मेडिकल स्टडी यह साबित कर चुकी हैं कि अगर हमारा खान-पान पोषक तत्वों से भरपूर हो, तो हम कई गंभीर बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, मिनरल्स और विटामिन्स की संतुलित मात्रा की जरूरत होती है। हम जो भी खाते हैं, उसका सीधा असर हमारी सेहत, ऊर्जा स्तर और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है, इसलिए विशेषज्ञ हमेशा सोच-समझकर भोजन चुनने की सलाह देते हैं।

विटामिन्स की अहमियत और विटामिन-के की अनदेखी

विटामिन्स हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स हैं। विटामिन-ए आंखों की रोशनी को बेहतर बनाता है, विटामिन-सी इम्युनिटी को मजबूत करता है और विटामिन-डी हड्डियों को ताकत देता है। हालांकि, एक ऐसा विटामिन भी है जिस पर अक्सर कम ध्यान दिया जाता है, वह है विटामिन-के। जानकारी की कमी के कारण लोग इसके महत्व को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह शरीर के कई जरूरी कार्यों के लिए अत्यंत आवश्यक है।

शरीर के लिए क्यों जरूरी है विटामिन-के

स्वास्थ्य विशेषज्ञ विटामिन-के को आमतौर पर “ब्लड क्लॉटिंग विटामिन” कहते हैं। इसका मुख्य कार्य खून को जरूरत पड़ने पर जमाना और अत्यधिक रक्तस्राव को रोकना होता है। अगर शरीर में विटामिन-के की मात्रा पर्याप्त न हो, तो चोट लगने या सर्जरी के दौरान ज्यादा खून बहने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा यह विटामिन हड्डियों को मजबूत रखने, दिल की सेहत सुधारने और शरीर में कैल्शियम के सही उपयोग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विटामिन-के शरीर में क्या काम करता है

विटामिन-के शरीर में ऐसे प्रोटीन्स को सक्रिय करता है, जो खून के थक्के जमाने में मदद करते हैं। इसकी कमी होने पर मामूली कट या चोट में भी लंबे समय तक खून बहता रह सकता है। इसके साथ ही यह विटामिन दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह धमनियों में कैल्शियम के जमाव को रोकने में मदद करता है। इससे हार्ट डिजीज का खतरा कम हो सकता है। हड्डियों की बात करें तो विटामिन-के कैल्शियम को हड्डियों तक पहुंचाने में मदद करता है, जिससे हड्डियां मजबूत रहती हैं और गठिया या ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का जोखिम घटता है।

विटामिन-के की कमी से होने वाली समस्याएं

अगर शरीर में लंबे समय तक विटामिन-के की कमी बनी रहे, तो कई स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं। चोट लगने पर अत्यधिक खून बहना, नाक या मसूड़ों से बार-बार ब्लीडिंग होना इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इसके अलावा हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। कुछ मामलों में दिल से जुड़ी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। बच्चों और बुजुर्गों में इसकी कमी ज्यादा गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए समय रहते ध्यान देना जरूरी है।

विटामिन-के कैसे प्राप्त करें

आहार विशेषज्ञों का मानना है कि सही खान-पान से विटामिन-के की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग और ब्रोकली विटामिन-के के बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं। इसके अलावा सोयाबीन, दही और फर्मेंटेड फूड्स भी इस विटामिन की पूर्ति में मदद करते हैं। जो लोग मांसाहार करते हैं, उनके लिए अंडे, मछली और मीट भी विटामिन-के का अच्छा विकल्प हो सकते हैं।

सेहतमंद जीवन के लिए जरूरी संदेश

विटामिन-के भले ही कम चर्चा में रहता हो, लेकिन इसकी भूमिका किसी भी तरह से कम नहीं है। अगर आप अपनी थाली में विटामिन-के से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करते हैं, तो न केवल खून से जुड़ी समस्याओं से बचाव होगा, बल्कि हड्डियां और दिल भी स्वस्थ रहेंगे। संतुलित आहार और जागरूकता ही अच्छी सेहत की सबसे बड़ी कुंजी है।