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‘भ्रष्टाचारी ही चिल्ला रहे हैं, चोर की दाढ़ी में तिनका साफ दिखता है’— गजेंद्र सिंह शेखावत का कांग्रेस पर तीखा प्रहार

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर दौरे के दौरान कांग्रेस और विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने जी-राम जी से जुड़े विधेयक और मनरेगा के नाम परिवर्तन को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। शेखावत ने कहा कि जो लोग आज सबसे ज्यादा शोर मचा रहे हैं, वही असल में भ्रष्टाचार से जुड़े हुए हैं। उनके शब्दों में, “भ्रष्टाचारी ही चिल्ला रहे हैं, चोर की दाढ़ी में तिनका साफ नजर आ रहा है।”

मनरेगा के नाम परिवर्तन पर उठते सवालों पर जवाब

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मनरेगा का नाम बीते वर्षों में करीब 12 बार बदला गया है, लेकिन उन सभी बदलावों के समय न तो कांग्रेस ने कोई बड़ा विरोध किया और न ही सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया गया। अब जब जी-राम जी से जुड़ा बदलाव सामने आया है, तो अचानक इतना हंगामा क्यों हो रहा है, यह अपने आप में संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसे लेकर जिस तरह का राजनीतिक शोर मचाया जा रहा है, उससे विपक्ष की मंशा पर सवाल उठते हैं।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर सीधा हमला

गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस मुद्दे पर जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं। शेखावत ने कहा कि मनरेगा में मजदूरी बढ़ाने की मांग कांग्रेस सरकार के समय उनके ही मंत्रियों द्वारा उठाई गई थी। अब जब जी-राम जी से संबंधित विधेयक पास हुआ है, तो उसी कांग्रेस को आपत्ति हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस की राजमाता और राजकुमार जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।”

पहले भी फैलाया गया झूठ, अब फिर वही तरीका

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस इस तरह का रवैया अपना रही है। इससे पहले राफेल सौदे को लेकर, कृषि कानूनों को लेकर और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर भी कांग्रेस ने झूठ और भ्रम फैलाया। शेखावत के अनुसार, हर बार जब कोई बड़ा सुधार किया जाता है या व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाती है, तो कांग्रेस उसी पुराने तरीके से जनता को डराने और गुमराह करने की कोशिश करती है।

मनरेगा में भ्रष्टाचार के आरोप और सुधार की बात

मनरेगा को लेकर बोलते हुए शेखावत ने कहा कि इस योजना में पहले नेहरू जी का नाम जोड़ा गया था, लेकिन बाद में वह नाम क्यों हटाया गया, इस पर कभी किसी ने सवाल नहीं उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राज्यों से ऐसी शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें बिना काम कराए भुगतान किए जाने की बात सामने आई। उन्होंने कहा कि मनरेगा को कुछ जगहों पर राजनीतिक लाभ और अपने समर्थकों को फायदा पहुंचाने का माध्यम बना दिया गया था।

भ्रष्टाचार पर रोक सरकार की प्राथमिकता

गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की मंशा पूरी तरह साफ है। सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सुनिश्चित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि अब व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है और भ्रष्टाचार पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा। इसी वजह से जो लोग पहले गलत तरीकों से लाभ उठा रहे थे, वही आज सबसे ज्यादा विरोध कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार जनता के हित में फैसले लेती रहेगी और किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएगी।