अमित शाह–सीएम भजनलाल की बंद कमरे में लंबी बैठक, राजस्थान मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जयपुर दौरा राजस्थान की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरे में जहां एक ओर उन्होंने प्रदेश सरकार के कामकाज पर सार्वजनिक रूप से संतोष जताया, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री निवास पर हुई बंद कमरे की बैठकों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। खासतौर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अमित शाह के बीच करीब एक घंटे तक चली एकांत चर्चा ने मंत्रिमंडल फेरबदल और लंबित राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है।
मुख्यमंत्री आवास पर साढ़े तीन घंटे का मंथन
पुलिस अकादमी में आयोजित कार्यक्रम के बाद निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव करते हुए अमित शाह सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। यहां वे करीब साढ़े तीन घंटे तक रुके। इस दौरान प्रदेश भाजपा और सरकार से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में संगठनात्मक स्थिति, सरकार के प्रदर्शन और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें जमीनी फीडबैक और रणनीतिक मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ।
सीएम भजनलाल और अमित शाह की बंद कमरे में चर्चा
बैठक का सबसे अहम हिस्सा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच करीब एक घंटे चली अलग बैठक रही। इस दौरान प्रदेश सरकार के कामकाज, प्रशासनिक फैसलों, संगठन और सरकार के बीच समन्वय, तथा आने वाले समय में आवश्यक बदलावों पर चर्चा होने की बात सामने आ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी बैठक के बाद मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
मारवाड़ी वोटर्स और आगामी चुनावों पर फोकस
मुख्यमंत्री आवास पर करीब डेढ़ घंटे चली सामूहिक बैठकों में अमित शाह ने एसआईआर, आगामी पंचायत और निकाय चुनावों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में प्रस्तावित चुनावों में मारवाड़ी वोटर्स की भूमिका को लेकर भी फीडबैक लिया। उन्होंने नेताओं से संगठन की मजबूती, सामाजिक संतुलन और चुनावी रणनीति को लेकर स्पष्ट राय मांगी। यह संकेत माना जा रहा है कि भाजपा आने वाले चुनावों को लेकर अभी से गंभीर तैयारी में जुट गई है।
बेहतर प्रदर्शन का संदेश, वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अमित शाह ने सरकार को और बेहतर ढंग से काम करने का स्पष्ट संदेश दिया। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अलावा उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, राज्यवर्धन राठौड़, मदन दिलावर, हीरालाल नागर, मंजू बाघमार, झाबर सिंह खर्रा, वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मुख्यमंत्री आवास पर उपस्थित थे।
मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज
सूत्रों का कहना है कि अमित शाह के इस फीडबैक कार्यक्रम से प्रदेश में लंबे समय से लंबित राजनीतिक नियुक्तियों और मंत्रिमंडल में रिक्त पदों को भरने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। बैठक के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि आने वाले समय में राजस्थान मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है। रात आठ बजे के बाद पीयूष गोयल मुंबई और अमित शाह तिरुवनंतपुरम के लिए रवाना हो गए, लेकिन जयपुर की सियासत में छोड़े गए संकेत अभी भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।