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बजट-पूर्व बैठक में राजस्थान की प्राथमिकताओं को लेकर केंद्र के समक्ष डिप्टी सीएम दीया कुमारी का पक्ष

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राज्य की विकास प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा। उन्होंने ‘विकसित भारत–2047’ और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के राष्ट्रीय लक्ष्य में राजस्थान की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्र सरकार से विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए विशेष सहयोग की मांग की।

जल संसाधन और पेयजल योजनाओं पर विशेष जोर

बैठक में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने पार्वती–कालीसिंध–चंबल (पीकेसी) लिंक परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की जोरदार मांग की। उन्होंने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए केंद्र से 5,000 करोड़ रुपये के वित्तीय सहयोग का आग्रह किया। इसके साथ ही शेखावाटी क्षेत्र की गंभीर पेयजल समस्या को उठाते हुए यमुना जल योजना के लिए 200 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से राजस्थान के जल संकट का स्थायी समाधान संभव होगा।

कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की अपेक्षा

कृषि क्षेत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए दीया कुमारी ने ‘ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत 900 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता की मांग की। उन्होंने जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। ऊर्जा क्षेत्र में ग्रिड स्थिरता, बैटरी स्टोरेज क्षमता के विस्तार और कुसुम योजना के लक्ष्यों को बढ़ाने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया, ताकि नवीकरणीय ऊर्जा को और सशक्त किया जा सके।

इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की आधारशिला बताते हुए उपमुख्यमंत्री ने राजस्थान में प्रस्तावित 50 राष्ट्रीय राजमार्ग अधिसूचनाओं और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) की मांग रखी। स्वास्थ्य क्षेत्र में जयपुर में एम्स की स्थापना, अमृत 2.0 योजना और पीएम-एबीएचआईएम की अवधि बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया।

पर्यटन, शिक्षा और पूंजीगत व्यय पर फोकस

दीया कुमारी ने पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और पूंजीगत व्यय को राजस्थान के समग्र विकास का आधार बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य इन क्षेत्रों में तेज गति से प्रगति कर सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से राजस्थान विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

डिप्टी सीएम का बयान और केंद्र का आश्वासन

बैठक के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में दीया कुमारी ने बताया कि प्री-बजट बैठक में जल संसाधन, ऊर्जा, पावर ट्रांसमिशन, पेयजल, स्वास्थ्य और राज्य वित्त से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री का राजस्थान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

वहीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय बजट 2026-27 एक फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा, जबकि बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा।