रामभद्राचार्य के समर्थन में उतरे मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, राहुल गांधी पर साधा तीखा निशाना
राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेशी दौरों और बयानों को लेकर कड़ा हमला बोला है। जयपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मीणा ने राहुल गांधी की बयानबाजी को राष्ट्रविरोधी करार देते हुए कहा कि इतने बड़े संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को अपने शब्दों और आचरण की मर्यादा समझनी चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद केवल आलोचना करने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए होता है।
रामभद्राचार्य के बयान का किया समर्थन
किरोड़ी लाल मीणा का यह बयान उस संदर्भ में आया है, जब हाल ही में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने की बात कही थी। मीणा ने रामभद्राचार्य के इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी सलाह पूरी तरह से उचित है। उन्होंने कहा कि जब कोई नेता बार-बार देश के खिलाफ बयान देता है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आलोचना करता है, तो उसकी भूमिका और नीयत पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
विदेशी मंचों पर भारत की आलोचना का आरोप
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी धरती पर जाकर ऐसे संवेदनशील मुद्दों को उठाते हैं, जिससे भारत की छवि को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि जब चीन जैसा पड़ोसी देश भारत के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया रखता है, ऐसे समय में राहुल गांधी का चीन के राजदूत से मुलाकात करना कई सवाल खड़े करता है। मीणा के अनुसार, विदेश जाकर भारत की आंतरिक राजनीति और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर टिप्पणी करना राष्ट्रहित के खिलाफ है और इसे राष्ट्रविरोधी मानसिकता माना जाना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष की भूमिका पर सवाल
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद अत्यंत जिम्मेदारी भरा होता है, लेकिन राहुल गांधी इस जिम्मेदारी को समझने में असफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार की रचनात्मक आलोचना करना होता है, न कि देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करना। मीणा ने दो टूक कहा कि राष्ट्रीय मुद्दों पर बोलते समय हर राजनेता को एक मर्यादा रेखा का पालन करना चाहिए।
जेएनयू विवाद पर भी जताई नाराजगी
इस दौरान मंत्री मीणा ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में हाल ही में हुई नारेबाजी पर भी कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक महान राष्ट्रभक्त बताते हुए कहा कि देश के प्रधान सेवक के खिलाफ इस तरह की नारेबाजी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। मीणा ने कहा कि जेएनयू में कुछ ऐसे तत्व सक्रिय हैं, जो भारत की संस्कृति और मूल्यों को नहीं मानते। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी सोच को या तो संस्कारों के माध्यम से बदला जाना चाहिए या फिर कानून के जरिए सख्ती से निपटा जाना चाहिए।
ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी के अलावा किरोड़ी लाल मीणा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी अपने निशाने पर लिया। प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का जिक्र करते हुए मीणा ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों के काम में बाधा डालना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई रोकने के लिए खुद सड़क पर उतरकर लक्ष्मण रेखा पार की है।
भ्रष्टाचार और लोकतंत्र पर सवाल
मीणा ने कहा कि जांच एजेंसियों से जुड़े मामलों में सहयोग करना हर संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और काले धन से जुड़े दस्तावेजों को बचाने के लिए सड़क पर उतरना लोकतंत्र का मजाक उड़ाने जैसा है। उनके अनुसार, कानून को अपना काम करने देना ही लोकतंत्र की सच्ची भावना है।