News Image

कम पानी पीना सेहत के लिए खतरनाक, शरीर में हो सकते हैं गंभीर बदलाव

 

हमारा शरीर लगभग 70 प्रतिशत पानी से बना होता है और यही पानी शरीर की हर छोटी-बड़ी प्रक्रिया को सही तरीके से चलाने में मदद करता है। पानी न सिर्फ प्यास बुझाने का काम करता है, बल्कि यह पाचन, ब्लड सर्कुलेशन, दिमागी गतिविधियों, त्वचा और बालों की सेहत को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। बावजूद इसके, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी पाते। धीरे-धीरे यह आदत शरीर में कई तरह की समस्याओं को जन्म देती है, जो समय पर ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकती हैं।

मुंह की बदबू और ओरल हेल्थ पर असर

जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो सबसे पहले इसका असर मुंह की नमी पर पड़ता है। पानी की कमी से मुंह सूखने लगता है, जिससे बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। यही बैक्टीरिया सांसों में बदबू की वजह बनते हैं। अगर आपको बार-बार मुंह से दुर्गंध महसूस होती है, तो यह सिर्फ ओरल हाइजीन की समस्या नहीं, बल्कि शरीर में पानी की कमी का संकेत भी हो सकता है। पर्याप्त पानी पीने से लार का निर्माण सही मात्रा में होता है, जिससे मुंह साफ और फ्रेश रहता है।

बालों का झड़ना और स्कैल्प की समस्या

पानी स्कैल्प और बालों की जड़ों तक जरूरी पोषण पहुंचाने का काम करता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो स्कैल्प ड्राई हो जाता है और बालों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं। इसका नतीजा यह होता है कि बाल जल्दी टूटने और झड़ने लगते हैं। अगर बिना किसी बड़े कारण के आपके बाल अचानक ज्यादा गिरने लगे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार यह समस्या केवल पानी की कमी से भी जुड़ी होती है।

खून की कमी और कमजोरी का खतरा

कम पानी पीने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। पानी की कमी के कारण खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का संचार ठीक से नहीं हो पाता। धीरे-धीरे इससे हीमोग्लोबिन का स्तर गिर सकता है और एनीमिया जैसी समस्या पैदा हो सकती है। एनीमिया होने पर व्यक्ति को कमजोरी, थकान, सांस फूलना और चक्कर आने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लंबे समय तक पानी की कमी इस स्थिति को और गंभीर बना सकती है।

दिमाग पर पड़ता है सीधा असर

पानी की कमी का असर केवल शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा प्रभाव हमारे दिमाग पर भी पड़ता है। कम पानी पीने से सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं होने लगती हैं। कुछ लोगों में स्ट्रेस और एंग्जायटी भी बढ़ सकती है। दिमाग को शांत, सतर्क और सक्रिय रखने के लिए शरीर का हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है।

थकान और एनर्जी लेवल में गिरावट

पानी शरीर की ऊर्जा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो मांसपेशियों और कोशिकाओं को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती। इसका नतीजा यह होता है कि व्यक्ति हर समय थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस करता है। दिनभर काम में मन न लगना और जल्दी थक जाना भी डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है।

त्वचा की सेहत पर पड़ता है असर

पानी शरीर की कोशिकाओं को हाइड्रेटेड रखता है, जिससे त्वचा में नमी और चमक बनी रहती है। अगर आप लंबे समय तक कम पानी पीते हैं, तो त्वचा रूखी, बेजान और खिंची हुई महसूस होने लगती है। समय के साथ झुर्रियां जल्दी दिखाई देने लगती हैं और स्किन की नेचुरल ग्लो कम हो जाती है। पर्याप्त पानी पीना त्वचा को अंदर से स्वस्थ और जवान बनाए रखने के लिए जरूरी है।