रोज 30 मिनट सही तरीके से चलने से खुद कम होगा शुगर लेवल
आज के समय में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। बदलती जीवनशैली, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। ऐसे में डॉक्टर और विशेषज्ञ लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि नियमित एक्सरसाइज किसी दवा से कम प्रभावी नहीं है। खास बात यह है कि इसके लिए न तो जिम जाने की जरूरत है और न ही महंगे उपकरणों की। सिर्फ रोजाना थोड़ी देर सही तरीके से चलना ही सेहत में बड़ा बदलाव ला सकता है।
तेज चलना: ब्लड शुगर कंट्रोल का सबसे आसान तरीका
ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए तेज चाल से चलना सबसे सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है। रोजाना 30 मिनट तेज चलने से शरीर ब्लड में मौजूद ग्लूकोज को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करता है। इससे इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है और शुगर लेवल धीरे-धीरे नीचे आने लगता है। रिसर्च के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में नियमित वॉक करने से 3 महीने के भीतर HbA1c लेवल 0.5 से 1 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
चलते समय रफ्तार ऐसी होनी चाहिए कि आप आराम से बात कर सकें, लेकिन गाना न गा पाएं। इसका मतलब है कि शरीर हल्का पसीना छोड़े और सांस थोड़ी तेज हो। दिन में करीब 8 से 10 हजार कदम चलना आदर्श माना जाता है। इसके अलावा, हफ्ते में दो दिन सीढ़ियां चढ़ना या हल्की चढ़ाई पर चलना शुगर कंट्रोल को और बेहतर बनाता है। खाने के बाद 10–15 मिनट टहलने से भी ब्लड शुगर अचानक बढ़ने से रुकती है।
योग से प्राकृतिक तरीके से घटता है ब्लड प्रेशर
योग न सिर्फ शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि ब्लड प्रेशर को भी प्राकृतिक रूप से कम करता है। बालासन, भुजंगासन और लेग्स-अप-द-वॉल जैसे योगासन रोजाना 10 से 15 मिनट करने से तनाव कम होता है और नसें रिलैक्स होती हैं। लगातार 6 से 8 हफ्तों तक योग करने से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 10 से 15 पॉइंट तक कम हो सकता है।
योग के साथ गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाने से दिमाग शांत रहता है और दिल की धड़कन संतुलित होती है। सूर्य नमस्कार से पूरे शरीर की एक्सरसाइज हो जाती है और पेट की चर्बी कम होती है, जो हाई बीपी और डायबिटीज का बड़ा कारण होती है। योग सुबह या शाम खाली पेट करना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
हल्की ताकत वाली एक्सरसाइज दिल को देती है सुरक्षा
सिर्फ चलना ही नहीं, बल्कि हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी दिल और शुगर दोनों के लिए फायदेमंद होती है। हफ्ते में दो दिन स्क्वैट्स, वॉल पुश-अप्स और प्लैंक जैसी एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। मजबूत मसल्स ब्लड शुगर को तेजी से इस्तेमाल करती हैं, जिससे शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है और दिल पर दबाव कम पड़ता है।
इस तरह की एक्सरसाइज से खराब कोलेस्ट्रॉल घटता है और कमर का साइज भी कम होता है। शुरुआत में 10-10 रिपीटेशन करना पर्याप्त होता है, बाद में धीरे-धीरे संख्या बढ़ाई जा सकती है।
HIIT और स्विमिंग भी हैं असरदार विकल्प
अगर समय कम हो तो 20 मिनट की हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग भी अच्छा विकल्प है। इससे कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न होती है और शुगर लेवल तेजी से कंट्रोल में आता है। वहीं, हफ्ते में तीन दिन 40–45 मिनट तैराकी करने से ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और दिल की चर्बी में अच्छी कमी देखी जाती है। घुटनों में दर्द या वजन ज्यादा होने पर स्विमिंग खासतौर पर लाभकारी होती है।
रोजमर्रा की आदतों में शामिल करें एक्सरसाइज
स्वस्थ रहने के लिए एक्सरसाइज को रोज की आदत बनाना सबसे जरूरी है। सुबह धूप में 10 मिनट टहलना, लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और खाने के बाद थोड़ी देर चलना छोटे लेकिन असरदार कदम हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नियमितता बनाए रखी जाए। रोज थोड़ा करना, कभी-कभार ज्यादा करने से कहीं ज्यादा फायदेमंद होता है। यही आदतें लंबे समय में डायबिटीज, बीपी और दिल की बीमारियों से बचाव में सबसे बड़ी दवा साबित होती हैं।