RBSE बोर्ड परीक्षा 2026 का मेगाप्लान तैयार, 20 लाख छात्रों की परीक्षा पर रहेगी कड़ी नजर
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने वर्ष 2026 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलमुक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार को बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परीक्षाओं के सफल संचालन को लेकर विस्तृत रणनीति और अंतिम रूपरेखा तय की गई।
बोर्ड सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक
अजमेर स्थित बोर्ड ऑडिटोरियम में हुई इस बैठक में शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी और परीक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के करीब 150 से अधिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान बोर्ड सचिव ने साफ शब्दों में कहा कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, गोपनीयता और रख-रखाव में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि परीक्षा प्रक्रिया में छोटी सी चूक भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है, इसलिए सभी को अपनी जिम्मेदारियां पूरी गंभीरता के साथ निभानी होंगी।
करीब 20 लाख परीक्षार्थी, 6195 परीक्षा केंद्र
बोर्ड सचिव ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में राज्यभर से करीब 20 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। इन छात्रों के लिए राजस्थान के विभिन्न जिलों में लगभग 6195 परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा आयोजन को देखते हुए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। इस बार एकल और नोडल परीक्षा केंद्रों को बंद रखने का फैसला भी किया गया है, ताकि परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो सके।
नकल रोकने के लिए संवेदनशील केंद्रों पर सख्ती
नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए बोर्ड ने संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया है। ऐसे केंद्रों पर दो-दो फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए जाएंगे, जबकि सामान्य परीक्षा केंद्रों पर एक फ्लाइंग स्क्वॉड की व्यवस्था होगी। जरूरत पड़ने पर परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू की जाएगी, जिससे 100 मीटर के दायरे में किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।
हथियारबंद पुलिस और वीडियोग्राफी से होगी निगरानी
परीक्षा की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए प्रश्नपत्रों को लाने और ले जाने के दौरान हथियारबंद पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही जिला परीक्षा संचालन समिति के माध्यम से परीक्षा से जुड़ी सभी गतिविधियों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सीसीटीवी और सेंट्रल कंट्रोल रूम से होगी लाइव मॉनिटरिंग
इस बार बोर्ड परीक्षाएं पूरी तरह तीसरी आंख की निगरानी में होंगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और उनकी निगरानी सीधे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड स्तर से की जाएगी। बोर्ड कार्यालय में 5 फरवरी से एक सेंट्रल कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। बोर्ड का मानना है कि इन कड़े इंतजामों से परीक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा और छात्रों को निष्पक्ष माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।