राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: राजस्थान के 8 नए जिलों में खुलेंगे पॉक्सो कोर्ट
राजस्थान में बच्चों के खिलाफ होने वाले लैंगिक अपराधों पर सख्ती और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में भजनलाल सरकार ने अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने प्रदेश के आठ नए जिलों में विशेष पॉक्सो अदालतों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही अब इन जिलों में बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों की सुनवाई स्थानीय स्तर पर हो सकेगी, जिससे न्याय प्रक्रिया और अधिक प्रभावी व तेज बनेगी।
हाईकोर्ट से विचार-विमर्श के बाद लिया गया निर्णय
राज्य सरकार का यह निर्णय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। इसके बाद विधि विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है। सरकार का मानना है कि नए जिलों के गठन के बाद वहां न्यायिक ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी था, ताकि अपराधों की सुनवाई में किसी तरह की देरी न हो और पीड़ितों को समय पर राहत मिल सके।
इन आठ जिलों में स्थापित होंगे नए पॉक्सो कोर्ट
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार फलोदी, डीडवाना, खैरथल, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपुतली और सलूम्बर जिलों में एक-एक विशेष पॉक्सो कोर्ट की स्थापना की जाएगी। इन जिलों के लिए क्षेत्रीय सीमाएं भी तय कर दी गई हैं, ताकि संबंधित मामलों की सुनवाई इन्हीं न्यायालयों में की जा सके। अब इन जिलों के लोगों को पॉक्सो मामलों के लिए अन्य जिलों की अदालतों में नहीं जाना पड़ेगा।
बाल सुरक्षा को प्राथमिकता देने की पहल
इस अधिसूचना को राजस्थान सरकार के विधि सचिव राघवेंद्र काछवाल की ओर से जारी किया गया है। यह नोटिफिकेशन बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम-2005 की धारा 25 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जारी किया गया है। सरकार का उद्देश्य बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों की रोकथाम करना और पॉक्सो अधिनियम-2012 के तहत मामलों की सुनवाई को और अधिक संवेदनशील एवं प्रभावी बनाना है।
पीड़ित बच्चों को मिलेगा जल्द न्याय
नए पॉक्सो कोर्ट खुलने से सबसे बड़ा लाभ पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को होगा। अब उन्हें अपने मामलों की सुनवाई के लिए दूर-दराज के जिलों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे न केवल समय और खर्च की बचत होगी, बल्कि मानसिक दबाव भी कम होगा। स्थानीय स्तर पर सुनवाई होने से मामलों का शीघ्र निस्तारण संभव हो सकेगा और दोषियों को समय पर सजा दिलाने में मदद मिलेगी।