केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, जयपुर नॉर्दर्न रिंग रोड और अमृतसर–जामनगर कॉरिडोर पर हुई बातचीत
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान राज्य में सड़क अवसंरचना के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक का मुख्य फोकस जयपुर की प्रस्तावित उत्तरी रिंग रोड और जयपुर से अमृतसर एवं जामनगर तक बनने वाले कॉरिडोर के क्रियान्वयन पर रहा। इसके अलावा राजस्थान में चल रही और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
जयपुर नॉर्दर्न रिंग रोड पर गहन चर्चा
बैठक में जयपुर की उत्तरी रिंग रोड को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। यह परियोजना राजधानी जयपुर के ट्रैफिक दबाव को कम करने और शहर के चारों ओर सुगम यातायात व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित है। लगभग 99.35 किलोमीटर लंबी यह रिंग रोड शहर के आसपास के करीब 150 गांवों से होकर गुजरेगी। यह अजमेर रोड पर छितरोली से शुरू होकर आगरा रोड पर बस्सी तक जाएगी। नॉर्दर्न रिंग रोड के निर्माण से जयपुर में भारी वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना ही वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा, जिससे शहरी ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी आएगी।
120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन
प्रस्तावित उत्तरी रिंग रोड को आधुनिक मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकेगी। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था भी अधिक कुशल बनेगी। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को जयपुर के दीर्घकालीन शहरी विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
अमृतसर–जामनगर कॉरिडोर से बदलेगी प्रदेश की कनेक्टिविटी
बैठक में जयपुर से अमृतसर और जामनगर तक प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। यह कॉरिडोर उत्तर भारत को पश्चिमी तट और औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से राजस्थान की कनेक्टिविटी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों से जोड़ा जा सकेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस कॉरिडोर के बनने से राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
आर्थिक विकास और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बढ़ावा
अमृतसर–जामनगर कॉरिडोर के पूरा होने के बाद राजस्थान के सीमावर्ती और अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी। सड़क और औद्योगिक कनेक्टिविटी मजबूत होने से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, जिससे उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह परियोजना प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
भिवाड़ी में जल भराव की समस्या पर भी चर्चा
बैठक के दौरान भिवाड़ी क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जल भराव की समस्या के समाधान पर भी विचार किया गया। इस संबंध में जानकारी दी गई कि सीईटीपी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शीघ्र ही एसटीपी का निर्माण भी किया जाएगा। इससे औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान निकलने की उम्मीद है। बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
यमुना जल समझौते पर अलग बैठक
इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के आवास पर भी मुलाकात की। इस बैठक में यमुना जल समझौते के तहत जल प्रबंधन, अग्रिम कार्य योजना, पेयजल आपूर्ति और अन्य संबंधित परियोजनाओं पर सार्थक चर्चा हुई। दोनों राज्यों के बीच जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और समन्वय पर सहमति बनाने पर जोर दिया गया।