राजस्थान पंचायत चुनाव के लिए सुप्रीम कोर्ट ने फिक्स की 15 अप्रैल 2026 की डेडलाइन
राजस्थान में पंचायत चुनाव का इंतजार लगभग खत्म होने की कगार पर है देश के सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य के पंचायत परिसीमन प्रक्रिया को अंतिम मंजूरी दे दी है।
ग्रामीणों की दलितों को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई और जस्टिस जॉयमाल्या बगीची की बेंच ने ग्रामीणों द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया है। गौरतलब है कि रेवेन्यू गांव सिंघानिया और अन्य ग्रामीणों द्वारा राज्य के नए परिसीमन और पंचायत के पुनर्गठन को चुनौती दी गई थी। ग्रामीणों का पक्ष था कि उनके गांव काफी दूर स्थित दूसरी पंचायत से जोड़ दिये गये हैं और यह सड़क संपर्क के अभाव और दूरी संबंधी नियमों का उल्लंघन है।
परिसीमन केवल दूरी के आधार पर नहीं: सरकार
सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता मंगल शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया की परिसीमन का आधार केवल दूरी नहीं है बल्कि प्रशासनिक सुगमता, जनसंख्या और जिला कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर परिसीमन किया गया है। जिसकी पूरी प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक पूरी हो चुकी है और राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची जारी करने की आदेश जारी कर दिए हैं।
15 अप्रैल पंचायती राज चुनाव पूरे कराने की डेडलाइन
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के 15 अप्रैल 2026 तक पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव संपन्न करने के निर्देश का समर्थन किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन प्रक्रिया पर पुनः विचार नहीं किया जाएगा क्योंकि इससे राज्य का चुनाव कार्यक्रम प्रभावित होगा।
कोर्ट ने ग्राम पंचायत को छूट दी है कि यदि उन्हें पंचायत मुख्यालय से आपत्ति है तो वह सक्षम प्राधिकारी को मामले में आवेदन दे सकते हैं लेकिन इससे चुनाव पर कोई रोक नहीं लगेगी।